नई दिल्ली, 17 नवंबर 2025 – दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, आज सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 359 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। पिछले कुछ दिनों से AQI 300-400 के बीच बना हुआ है, जिससे निवासियों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।खराब वायु स्तर को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आसपास के इलाकों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर रखा है। यह कदम प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि GRAP-3 में क्या-क्या प्रतिबंध हैं, प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं, स्वास्थ्य पर प्रभाव और क्या उपाय किए जा रहे हैं।
दिल्ली-NCR का वर्तमान AQI: क्षेत्रवार स्थितिCPCB की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के अनुसार, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI इस प्रकार रहा:
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क्षेत्र
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AQI (सुबह 7 बजे)
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श्रेणी
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आनंद विहार
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412
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गंभीर
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जहांगीरपुरी
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398
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बहुत खराब
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RK पुरम
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375
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बहुत खराब
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पंजाबी बाग
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362
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बहुत खराब
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ओखला फेज-2
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355
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बहुत खराब
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दिल्ली औसत
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359
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बहुत खराब
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GRAP-3 क्या है? लागू प्रतिबंध और नियमGRAP एक आपातकालीन योजना है जो AQI के स्तर के आधार पर चार चरणों में लागू होती है। चरण-3 तब लागू होता है जब AQI 351-400 के बीच 48 घंटे से अधिक रहे या 401+ एक दिन तक रहे।GRAP-3 के प्रमुख प्रतिबंध:
- निर्माण और तोड़फोड़ कार्य:
- सभी प्रकार के निर्माण कार्य (सड़क, फ्लाईओवर, भवन आदि) पर रोक, सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के प्रोजेक्ट्स को छोड़कर।
- खनन और क्रशिंग गतिविधियां बंद।
- वाहन प्रतिबंध:
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों (LMV) पर दिल्ली में प्रवेश और संचालन प्रतिबंधित।
- दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल मध्यम मालवाहक वाहनों (BS-IV या कम) पर रोक (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर)।
- NCR में इंटर-स्टेट बसें (इलेक्ट्रिक/CNG/BS-VI डीजल को छोड़कर) प्रतिबंधित।
- उद्योग और ईंधन:
- NCR में गैर-आवश्यक उद्योगों में कोयला/लकड़ी जैसे प्रदूषक ईंधन का उपयोग बंद।
- केवल स्वीकृत ईंधन (PNG, बायोफ्यूल आदि) की अनुमति।
- अन्य उपाय:
- मकान/सड़क की सफाई के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव अनिवार्य।
- दिल्ली मेट्रो और बस सेवाओं की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई गई।
- स्कूलों में आउटडोर गतिविधियां सीमित, बच्चों को मास्क पहनने की सलाह।
GRAP-4 की तैयारी: यदि AQI 400+ पार करता है, तो निजी ऑफिस 50% WFH, ट्रक एंट्री बंद और स्कूल बंद हो सकते हैं।
प्रदूषण के मुख्य कारण
- पराली जलाना: पंजाब, हरियाणा और UP में धान की पराली जलाने से धुआं दिल्ली पहुंच रहा है। इस साल 2,500+ मामले दर्ज।
- वाहन उत्सर्जन: दिल्ली में 1 करोड़+ वाहन, जिनमें 40% डीजल। ट्रैफिक जाम से PM2.5 बढ़ता है।
- निर्माण धूल: मेट्रो, फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स से धूल।
- मौसम कारक: सर्दी में कम हवा की गति, तापमान उलटाव (Inversion) से प्रदूषक फंसते हैं।
- उद्योग और बायोमास जलाना: NCR के औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध ईंधन उपयोग।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
- PM2.5 और PM10 फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस, हृदय रोग बढ़ाते हैं।
- बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में: सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, सिरदर्द आम।
- WHO मानक से 10 गुना अधिक: दिल्ली का PM2.5 स्तर WHO के सुरक्षित स्तर (5 µg/m³) से 70-100 µg/m³ अधिक।
- अस्पतालों में मरीज बढ़े: पिछले हफ्ते OPD में 20-30% वृद्धि।
सरकारी उपाय और सुझावसरकार की ओर से:
- पराली प्रबंधन: PUSA डीकंपोजर, सब्सिडी पर मशीनें।
- एंटी-स्मॉग गन: 50+ स्थानों पर छिड़काव।
- क्लाउड सीडिंग: बारिश कराने की तैयारी (महाराष्ट्र मॉडल)।
- पड़ोसी राज्यों से समन्वय: पंजाब-हरियाणा में पराली पर सख्ती।
नागरिकों के लिए सुझाव:
- मास्क पहनें: N95 या PM2.5 फिल्टर वाला।
- घर से बाहर कम निकलें: खासकर सुबह-शाम।
- वाहन शेयरिंग: पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग।
- घर में प्यूरीफायर: HEPA फिल्टर वाला।
- पौधारोपण: छत पर पौधे लगाएं।
मौसम पूर्वानुमान और सुधार की उम्मीदIMD के अनुसार, 19-20 नवंबर को हल्की बारिश की संभावना है, जो AQI को 200-250 तक ला सकती है। लेकिन फिलहाल ठंड और कोहरा बढ़ने से प्रदूषण और बिगड़ सकता है।