बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इनमें भोजपुरी फिल्म स्टार Pawan Singh, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar और बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी Sanjay Mayukh प्रमुख नामों में शामिल हैं।
विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव होना था। नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद जितने उम्मीदवार मैदान में थे, उतनी ही सीटें होने के कारण सभी को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया। विधानसभा सचिवालय ने सभी निर्वाचित उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र भी सौंप दिया है।
इस चुनाव के साथ बिहार की राजनीति में कई महत्वपूर्ण चेहरे विधान परिषद पहुंचे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पहली बार एमएलसी बने हैं। वहीं भोजपुरी जगत के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह का भी विधान परिषद में प्रवेश हुआ है।
एनडीए को इस चुनाव में बड़ी सफलता मिली है। बीजेपी के खाते में संजय मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित समेत चार सीटें गई हैं, जबकि जेडीयू ने भी चार सीटों पर जीत दर्ज की है। जेडीयू की ओर से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन सराफ निर्वाचित हुए हैं।
उपचुनाव वाली सीट पर जेडीयू उम्मीदवार ललन सराफ को निर्विरोध चुना गया। यह सीट नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी।
इसके अलावा अशरफ अंसारी को Lok Janshakti Party (Ram Vilas) की ओर से विधान परिषद भेजा गया है। वह पार्टी के गठन के बाद इस दल से एमएलसी बनने वाले पहले नेता बन गए हैं।
विपक्ष की ओर से एकमात्र उम्मीदवार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का था, जिसे भी निर्विरोध निर्वाचन का लाभ मिला। चुनाव परिणामों ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक ताकत और एनडीए की मजबूत स्थिति को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।