107 दिनों तक चले तनाव और संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का ऐलान कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर दावा किया कि दोनों देशों के बीच समझौता पूरी तरह तैयार हो चुका है और इस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि समझौते के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा और क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी समाप्त कर दी जाएगी।
ट्रंप के मुताबिक, समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का युद्धविराम लागू होगा। इस दौरान दोनों पक्ष परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत बातचीत करेंगे।
वहीं ईरान के उप-विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने कहा कि भविष्य की वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका अपने वादों को किस हद तक पूरा करता है। उन्होंने कहा कि ईरान के जब्त किए गए अरबों डॉलर के फंड जारी करना, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और सैन्य गतिविधियों को समाप्त करना प्रमुख शर्तों में शामिल हैं।
इस बीच Shehbaz Sharif ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि लंबी कूटनीतिक बातचीत के बाद दोनों पक्ष सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने कतर, सऊदी अरब और तुर्किये सहित मध्यस्थ देशों की भूमिका की सराहना की।
यदि 19 जून को प्रस्तावित हस्ताक्षर सफलतापूर्वक हो जाते हैं, तो यह समझौता हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धियों में से एक माना जाएगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है