देश के कई हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है, लेकिन अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाने के कारण खेती-किसानी को लेकर चिंता बढ़ गई है। मुंबई समेत कई राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है, लेकिन देशभर में अब तक सामान्य से लगभग 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अल नीनो प्रभाव के चलते बारिश का पैटर्न प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है।
कृषि क्षेत्र पर संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक विशेष ‘प्लान B’ तैयार कर लिया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि विभागों और मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि बारिश में और देरी होती है, तो किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक देशभर में केवल 60.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जिससे दलहन और तिलहन जैसी खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। हालांकि कृषि मंत्रालय का कहना है कि देश का सिंचाई ढांचा पहले की तुलना में काफी मजबूत हुआ है और खाद्यान्न भंडार भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर आयात जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
दूसरी ओर मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने मुंबई और रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव की आशंका को देखते हुए मछुआरों को 26 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
राजधानी दिल्ली में अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग ने 25 जून तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। वहीं बारिश के मौसम में जलभराव और ट्रैफिक समस्याओं से बचने के लिए एनडीएमसी ने 1 जुलाई से 30 सितंबर तक लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में सड़क खुदाई पर रोक लगाने का फैसला किया है।
यदि आने वाले दिनों में मानसून सामान्य गति पकड़ता है तो किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल सरकार और कृषि विशेषज्ञ दोनों ही सतर्क नजर आ रहे हैं।