पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि बीमारी के बावजूद उनकी लड़ाई शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी।
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुझे टाइफाइड हो गया है, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।” वीडियो में उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी। मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
गौरतलब है कि पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन में अभिजीत दीपके शुरुआत से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। 20 जुलाई को जब दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया था, तब दीपके ने विरोध स्वरूप भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और बाद में कराई गई जांच में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई।
इस बीच, सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पिछली बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं तथा कुछ मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी है। हालांकि, उनकी मुख्य मांग—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा—अब भी पूरी नहीं हुई है।
रांका ने कहा कि यदि सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई फैसला नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि सरकार अपने रुख पर कायम रहती है, तो संगठन आगे की रणनीति के तहत कड़े कदम उठाने पर विचार करेगा।
अभिजीत दीपके की बीमारी के बावजूद आंदोलन जारी रहने की बात कही जा रही है। अब सभी की नजरें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस विवाद के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है।