पाकिस्तान की सेना में बड़ा बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा को फोर-स्टार जनरल के पद पर पदोन्नत करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्हें देश के पहले कमांडर, नेशनल स्ट्रेटेजिक कमांड (CNSC) के रूप में नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद आमेर रजा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बाद सबसे प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में शामिल हो गए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के अनुसार, आमेर रजा फिलहाल पाकिस्तान सेना में चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें पहले भी सैन्य सेवाओं के लिए हिलाल-ए-इम्तियाज (मिलिट्री) और सितारा-ए-बसालत जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
कौन हैं जनरल आमेर रजा?
जनरल आमेर रजा ने वर्ष 1988 में पाकिस्तान सेना की 6th Lancers रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे 41वें चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, IV कोर के कमांडर और हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
उन्होंने कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, क्वेटा, नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी, इस्लामाबाद तथा यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनके पास इंटरनेशनल रिलेशंस और डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज़ में विशेषज्ञता है। उन्होंने आर्मर्ड ब्रिगेड, इन्फैंट्री ब्रिगेड और इन्फैंट्री डिवीजन की कमान भी संभाली है।
क्या है नेशनल स्ट्रेटेजिक कमांड?
हालिया संवैधानिक और सैन्य सुधारों के बाद पाकिस्तान में चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पद की जगह नया नेशनल स्ट्रेटेजिक कमांड (NSC) बनाया गया है। यह कमांड नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) के अधीन काम करेगी और देश की रणनीतिक सैन्य संपत्तियों तथा परमाणु हथियारों के प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी।
गौरतलब है कि नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की स्थापना वर्ष 2000 में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी के लिए की गई थी। अब सैन्य सुधारों के तहत उसके अंतर्गत यह नया शीर्ष कमांड पद बनाया गया है।
जनरल आमेर रजा की नियुक्ति को पाकिस्तान की सैन्य संरचना में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य देश की रणनीतिक और परमाणु कमान को अधिक केंद्रीकृत और प्रभावी बनाना है।