भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में जीत की मंशा के साथ मैदान पर कदम रखा, लेकिन इस मुकाबले ने युवा तेज गेंदबाज यश ठाकुर के लिए जिंदगी का सबसे यादगार पल भी लेकर आया। विदर्भ से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल तक अपनी पहचान बनाने वाले यश ठाकुर को आखिरकार टीम इंडिया की कैप मिल गई। यह डेब्यू उनके वर्षों के संघर्ष, कड़ी मेहनत और लगातार शानदार प्रदर्शन का इनाम है।
भारत ए से टीम इंडिया तक का सफर
यश ठाकुर ने पिछले महीने श्रीलंका में आयोजित भारत ए की त्रिकोणीय सीरीज में शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन मैचों में पांच विकेट हासिल किए थे। इसके अलावा गॉल में श्रीलंका ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैचों में भी उन्होंने पांच विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
आईपीएल में बनाया नाम
यश ठाकुर ने आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व किया है। अब तक 22 आईपीएल मैचों में उन्होंने 27 विकेट लिए हैं। नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया।
घरेलू क्रिकेट में दमदार रिकॉर्ड
विदर्भ के लिए खेलते हुए यश ठाकुर ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है।
- फर्स्ट क्लास: 32 मैच, 93 विकेट, सर्वश्रेष्ठ 5/44
- लिस्ट ए: 57 मैच, 90 विकेट, सर्वश्रेष्ठ 5/53
- टी20: 74 मैच, 110 विकेट, सर्वश्रेष्ठ 5/16
- आईपीएल: 22 मैच, 27 विकेट, सर्वश्रेष्ठ 4/30
यश सभी प्रारूपों को मिलाकर 300 से अधिक विकेट हासिल कर चुके हैं और भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं।
चयन की खबर सुनकर नहीं हुआ यकीन
जियोस्टार से बातचीत में यश ठाकुर ने बताया कि उन्हें अपने चयन की जानकारी दोस्तों के फोन और मैसेज से मिली।
उन्होंने कहा, “मैं हर्ष दुबे के साथ नागपुर पहुंचा था। एयरपोर्ट पर सामान लेकर बाहर निकला तो दोस्तों के लगातार फोन और मैसेज आने लगे। उन्होंने बताया कि मेरा चयन भारतीय टीम में हो गया है। पहले मुझे विश्वास नहीं हुआ, फिर ऑनलाइन देखा तो खबर सच थी। वह पल मेरे लिए अविश्वसनीय था।”
‘हर स्तर पर मिली नई चुनौती’
यश ने कहा कि अंडर-19 क्रिकेट से लेकर रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, आईपीएल, इंडिया ए और अब भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था।
उन्होंने कहा, “हर स्तर पर अलग चुनौती मिली और हर बार मेहनत करके आगे बढ़ा। देश के लिए खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है। इंडिया की जर्सी पहनना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था और आज ऐसा लग रहा है कि मेरी सारी मेहनत सफल हो गई।”
कप्तान श्रेयस अय्यर पर जताया भरोसा
भारतीय टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ अपनी बॉन्डिंग को लेकर यश ने कहा कि आईपीएल के दौरान दोनों ने काफी समय साथ बिताया और खेल की रणनीतियों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, “श्रेयस भाई मेरी ताकत और भूमिका को अच्छी तरह समझते हैं। उन्हें पता है कि मैं पावरप्ले, मिडिल ओवर या डेथ ओवर में टीम के लिए सबसे ज्यादा योगदान कहां दे सकता हूं। आईपीएल में उनकी कप्तानी में खेलने का अनुभव अब भारतीय टीम में भी मेरे लिए काफी मददगार रहेगा।”
टीम इंडिया को नई उम्मीद
यश ठाकुर का भारतीय टीम में चयन इस बात का उदाहरण है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अब राष्ट्रीय टीम में भी मौका मिल रहा है। अब सभी की नजरें इस युवा तेज गेंदबाज पर होंगी कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप कितनी मजबूत छोड़ पाते हैं।