धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस का हमला, बोली- युवाओं ने शिक्षा मंत्री को किया ‘डिसमिस’

3 0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे देश के युवाओं और छात्रों की बड़ी जीत बताया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि देश के छात्रों, नौजवानों और बेरोजगारों ने अपनी आवाज़ के दम पर शिक्षा मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।

पवन खेड़ा ने कहा, “आज देश के युवाओं को बधाई। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नौकरी से बाहर कर दिया। यह सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि एक व्यवस्था के खिलाफ युवाओं की जीत है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान देश की खराब शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के प्रतीक बन चुके थे। उनके मुताबिक, लड़ाई केवल एक व्यक्ति से नहीं बल्कि उस व्यवस्था से है, जिसने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।

‘युवाओं ने सरकार का घमंड तोड़ा’

पवन खेड़ा ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों को लाठियों से पीटा गया, घसीटा गया और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद देश की Gen Z पीछे नहीं हटी और आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा।

कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगी माफी

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह करोड़ों छात्रों और युवाओं की जीत है, जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्ष किया। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग भी की।

प्रियंका गांधी बोलीं- सरकार को झुकना पड़ा

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है।

उन्होंने कहा, “युवा नहीं झुके, सरकार को झुकना पड़ा। यह उन छात्रों की जीत है जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी आवाज़ बुलंद रखी। यह खबर सुनकर मुझे खुशी भी हुई और भावुक भी महसूस हुआ।”

जयराम रमेश ने भी साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह उस युवा पीढ़ी की जीत है, जो लंबे समय से एक अनुचित और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय और धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में लगातार सच्चाई स्वीकार करने से इनकार किया।

रमेश ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने पहले भी पेपर लीक से इनकार किया था और इस्तीफे में भी “पेपर लीक” शब्द की जगह “अनियमितताओं” का इस्तेमाल किया गया।

व्यक्तिगत प्रतिष्ठा नहीं, जिम्मेदारी का सवाल

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की जिम्मेदारी का मामला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा है।

Related Post

किराया बढ़ोतरी का असर: रेलवे यात्रियों का पैसा कहां और कैसे खर्च होता है

Posted by - December 23, 2025 0
भारतीय रेलवे ने यात्री किराया बढ़ा दिया है. हालांकि, 215 किलोमीटर तक साधारण किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई है…

नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने से 25 दिन दूर PM मोदी, 9 जून को बन सकता है नया इतिहास

Posted by - May 15, 2026 0
नई दिल्ली: भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में जल्द एक नया इतिहास बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले…

मुसलमान BJP को वोट नहीं देते, इसलिए…”, केंद्रीय कैबिनेट में मुस्लिम मंत्री नहीं होने पर राजीव चंद्रशेखर ने दिया बयान

Posted by - November 27, 2025 0
केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस को वोट देकर मुसलमानों को क्या हासिल हुआ? अगर वे भाजपा…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *