डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे जय परिवार की बहरीन में शादी को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही हैं। इस शादी में परिवार के ही कुछ लोग शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में पवार परिवार के मनमुटाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे जय पवार और ऋतुजा पाटील का शाही विवाह 4 से 7 दिसंबर के बीच बहरीन में होने जा रहा है। समारोह की भव्य तयारी चल रही है, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक हलकों में एक चर्चा जोर पकड़ रही है, क्या पवार परिवार में सबकुछ ठीक नहीं है?
शरद पवार और श्रीनिवास पवार की शादी में अनुपस्थिति की खबर
परिवार के कई वरिष्ठ सदस्य अजित पवार के बेटे की शादी से दूरी बनाए हुए हैं। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार के छोटे भाई श्रीनिवास पवार और उनकी पत्नी शादी में शामिल नहीं होंगे। वे बेंगलुरु में एक अन्य कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। सबसे चर्चित बात यह है कि शरद पवार, उनकी पत्नी प्रतिभा पवार और सुप्रिया सुळे भी बहरीन नहीं जाने वाले हैं।
सियासी माहौल में बढ़ते सवालों की हलचल
इन लगातार गैरहाजिरियों नेसियासी माहौल में बढ़ते सवालों की हलचल राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पवार परिवार में मनमुटाव गहराया है? क्या यह मतभेद अब सार्वजनिक रूप ले रहे हैं? इन सभी मतभेदों के बीच सवाल खड़ा हो रहै हैं कि डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे जय पवार की शादी में कौन-कौर उपस्थित रहेगा?
परिवार से ये लोग हो रहे शामिल
शादी में 400 विशेष मेहमानों को बुलाया गया है। परिवार की ओर से श्रीनिवास पवार के बेटे युगेंद्र पवार और उनकी नवविवाहित पत्नी तनिष्का कुलकर्णी बहरीन पहुंचेंगे। सुप्रिया सुळे की बेटी रेवती सुळे भी समारोह में शामिल होगी। यानी ज्येष्ठ सदस्य भले न जाएं, लेकिन अगली पीढ़ी की मौजूदगी रहेगी।
शादी में नहीं दिखे अजित पवार
वहीं, इस शादी में परिवार के कई लोगों के न शामिल होने को लेकर राजनीतिक पृष्ठभूमि से कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, जब ऐसे संकेत मिले हैं। पिछले दिनों युगेंद्र पवार की शादी में शरद पवार गुट के अधिकांश नेता मौजूद थे, लेकिन अजित पवार व्यस्तता का हवाला देकर नहीं आए।
NCP में मतभेद और परिवार में खटास
अब जय पवार की शादी में शरद पवार और सुप्रिया सुळे जैसी प्रमुख हस्तियों की गैरहाजिरी ने राजनीतिक तौर पर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। क्या यह महज़ कार्यक्रमों का टकराव है? या फिर NCP में विभाजन के बाद परिवार की दरारें और चौड़ी हो रही हैं? क्या यह दूरी केवल राजनीतिक है या निजी रिश्तों में भी तनाव है?
नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
हालांकि, दोनों गुटों की ओर से आधिकारिक रूप से कोई बयान नहीं आया है, लेकिन शादी से जुड़ी गैरहाजिरी ने राजनीतिक संकेतों को और अधिक उजागर कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, अजित पवार गुट के नेताओं में से सिर्फ प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे को ही निमंत्रण मिला है, जो सवालों को और गहरा करता है।
जानिए शादी का शेड्यूल
- 4 दिसंबर – मेहंदी
- 5 दिसंबर – हल्दी, बारात और मुख्य विवाह
- 6 दिसंबर – बीच ओलिंपिक्स
- 7 दिसंबर – रिसेप्शन