गौतम अदाणी बोले, ‘हमारा इतिहास हमारा दर्पण होना चाहिए. जब‑जब हम अपनी ही पहचान को पहचानने में चूकते हैं, तब‑तब दूसरे आकर हमारी तस्वीर अपने हिसाब से बना देते हैं और हमारा भाग्य लिख देते हैं.
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन और फाउंडर गौतम अदाणी ने मंगलवार को धनबाद में ग्रुप की नई परियोजनाओं और निवेश को लेकर अहम जानकारी दी. उन्होंने साफ कहा कि धनबाद समेत पूरे झारखंड में बहुत बड़ी अपॉर्चुनिटी है और अदाणी ग्रुप भी जल्द ही धनबाद में आएगा.
अपनी धनबाद यात्रा के दौरान गौतम अदाणी ने ‘पहला कदम’ स्कूल में ‘वोकेशनल ट्रैंनिंग फॉर डिफरेंटली-अबलेड इन फूड एंड बेवरेज एंड क्लाउड किचन’ का इनोग्रेशन किया. यह स्कूल नारायणी चैरिटेबल ट्रस्ट की देखरेख में चलाया जाता है.
अवसरों की नई पटरी तैयार
दिव्यांग बच्चों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात करते हुए गौतम अदाणी ने झारखंड में अवसरों पर जोर दिया. उन्होंने दोहराया कि ग्रुप धनबाद में भी जल्द निवेश के लिए कदम बढ़ाएगा. यह संकेत झारखंड के लिए आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेंगे.
यह सिर्फ खुशी का पल नहीं
IIT(ISM) धनबाद के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने गौरवशाली इतिहास को याद रखते हुए भविष्य की दिशा तय करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि ये जश्न यह देखने का मौका नहीं कि आप कहां से आए हैं, बल्कि ये तय करने का क्षण भी है कि आपको कहां जाना है और कैसा भविष्य बनाना है. उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत को भी याद किया और उसे देश के नॉलेज का कमांड सेंटर बताया.