भारत के अलावा किन देशों में होते हैं EVM से चुनाव? जानें पहली बार कब हुआ था इस्तेमाल

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EVM Facts: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की चर्चा हर चुनाव से पहले होती है, ऐसे में ये जानना जरूरी है कि किन देशों में इस तरह की मशीन का वोटिंग के लिए इस्तेमाल होता है.

भारत में हर साल किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं, जिनके लिए हजारों ईवीएम एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट होती हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भी तमाम पोलिंग बूथों तक ईवीएम पहुंचाने का काम किया जा रहा है. बिहार में पहले चरण का मतदान गुरुवार 6 नवंबर को होगा, इससे पहले चुनाव आयोग की तरफ से तमाम तैयारियां हो चुकी हैं. ऐसे में ईवीएम को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी होती है,  इसीलिए आज हम आपको बताएंगे कि भारत के अलावा किन देशों में ईवीएम का इस्तेमाल किया जाता है और कौन से देश आज भी बैलेट पेपर से वोट करते हैं.

इन देशों में होता है इस्तेमाल

ईवीएम से जुड़े तमाम सवालों के जवाब खुद चुनाव आयोग ने दिए हैं. जिसमें बताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अर्जेंटीना, ब्राजील, नामीबिया, नेपाल, चिली, पेरू, मैक्सिको और भूटान जैसे करीब 25 देश डायरेक्ट रिकॉर्डिंग मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऑप्टिकल स्कैन पेपर बैलट सिस्टम, बैलट मार्किंग डिवाइस और पंच कार्ड बैलट दूसरी तरह की वोटिंग मशीनें हैं, जिनका इस्तेमाल कई अन्य देशों में किया जा रहा है.

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पहली बार कहां हुआ इस्तेमाल?

अमेरिका के कुछ राज्यों में पहली बार ईवीएम जैसी मशीन का इस्तेमाल हुआ था. 1964 में इसे ऑटोमैटिक वोटिंग मशीन (AVM) कहा जाता था, लेकिन बाद में डायरेक्ट रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रॉनिक मशीनों (DRE) का इस्तेमाल शुरू हो गया. ये तकनीक काफी तेज और आसान थी, जिसमें बटन दबाकर या फिर स्क्रीन पर टच करके वोट डाले जाते थे. कुछ सालों तक इसका खूब इस्तेमाल हुआ, लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में विवाद के बाद इसका इस्तेमाल कम हो गया. हालांकि ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल पहली बार भारत में हुआ था, साल 1982 में इसे केरल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस्तेमाल किया गया.

भारत में कई सालों से हो रहा ईवीएम का इस्तेमाल

भारत में पिछले कई सालों से ईवीएम का इस्तेमाल हो रहा है, लोकसभा चुनाव हों या फिर विधानसभा के चुनाव, ईवीएम से ही वोटिंग कराई जाती है. इस मशीन में पूरा डेटा स्टोर होता है और काउंटिंग काफी आसान हो जाती है. यही वजह है कि भारत में चुनाव के नतीजे काफी जल्दी आ जाते हैं. वहीं अमेरिका जैसे देशों में कई दिनों तक काउंटिंग चलती है.

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