भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला टीम इंडिया के लिए बेहद अहम होने वाला है। यह मैच सिर्फ सीरीज में सम्मान बचाने का नहीं, बल्कि आईसीसी टी20 रैंकिंग में पिछले चार वर्षों से कायम नंबर-1 की बादशाहत को बचाने की भी लड़ाई है।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम पहले ही सीरीज गंवा चुकी है। आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से हार के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम संघर्ष करती नजर आई है। ऐसे में आखिरी मुकाबले में जीत भारत के लिए बेहद जरूरी हो गई है।
हार से छिन सकता है नंबर-1 का ताज
फिलहाल आईसीसी पुरुष टी20 टीम रैंकिंग में भारत 269 रेटिंग अंक के साथ पहले स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 267 रेटिंग अंक लेकर दूसरे नंबर पर मौजूद है।
यदि इंग्लैंड भारत को 4-0 से सीरीज में हराने में सफल रहता है, तो वह भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन जाएगा। वहीं भारत आखिरी मैच जीतकर अपनी नंबर-1 रैंकिंग बरकरार रख सकता है।
हैरी ब्रूक ने जताया इरादा
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि उनकी टीम का लक्ष्य सिर्फ सीरीज जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की नंबर-1 टीम बनना भी है।
ब्रूक ने कहा,
“अगर हम अगला मैच जीतते हैं तो हम दुनिया की नंबर-1 टीम बन जाएंगे। भारत जैसी मजबूत टीम को 4-0 से हराना हमारे लिए बेहद खास उपलब्धि होगी और यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है।”
कैसे तय होती है आईसीसी रैंकिंग?
आईसीसी टीमों की रैंकिंग एक अंक आधारित प्रणाली से तय करता है।
- हाल के एक साल के मैचों को 100% वेटेज मिलता है।
- पिछले दो वर्षों के मैचों को 50% वेटेज दिया जाता है।
- मजबूत टीम को हराने पर ज्यादा रेटिंग अंक मिलते हैं, जबकि कमजोर टीम के खिलाफ जीत पर कम अंक मिलते हैं।
इसी वजह से भारत और इंग्लैंड के बीच यह मुकाबला रैंकिंग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रेयस अय्यर की पहली जीत का इंतजार
विश्व चैंपियन बनने के बाद यह भारत का पहला विदेशी दौरा है। हालांकि यूके दौरे पर टीम इंडिया का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। सात टी20 मुकाबलों में भारत पांच हार चुका है, जबकि एक मैच बारिश की वजह से रद्द हुआ।
कप्तान बनने के बाद श्रेयस अय्यर अब तक अपनी पहली जीत दर्ज नहीं कर सके हैं। ऐसे में साउथेम्प्टन में होने वाला यह मुकाबला उनके लिए भी खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा।
भारत के सामने अब सिर्फ सीरीज का आखिरी मैच जीतने की चुनौती नहीं, बल्कि अपनी चार साल पुरानी नंबर-1 टी20 बादशाहत बचाने की भी परीक्षा है।