ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी: ऑडिटेड केस और कॉरपोरेट्स को मिली राहत, अब इस दिन तक फाइल कर सकेंगे टैक्स!

72 0

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। इनकम टैक्स विभाग ने ऑडिटेड केस और कॉरपोरेट्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख आगे बढ़ा दी है। जो टैक्सपेयर्स हर साल डेडलाइन के तनाव में रहते हैं, उनके लिए यह फैसला किसी राहत से कम नहीं है।

नकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन को लेकर सरकार ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से चल रही मांग और कई राज्यों में खराब मौसम व बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ऑडिटेड केस और कॉरपोरेट टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दी है। इस फैसले से लाखों बिजनेस मालिकों, कंपनियों और टैक्स प्रोफेशनल्स को राहत मिलेगी, जो समय पर रिटर्न भरने में दिक्कतों का सामना कर रहे थे।

CBDT का बड़ा ऐलान

CBDT ने बुधवार को जारी अपनी अधिसूचना में कहा कि आकलन वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 139(1) के तहत रिटर्न फाइल करने की जो अंतिम तिथि 31 अक्टूबर थी, उसे अब बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दिया गया है। इसके साथ ही पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन भी बढ़ाई गई है, वो अब यह 10 नवंबर 2025 तक रहेगी।

टैक्सपेयर्स को क्यों मिली राहत?

टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अकाउंटिंग और फाइलिंग की प्रक्रिया में देरी हुई है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में कंपनियों और ऑडिटेड केस वाले करदाताओं ने सरकार से समय बढ़ाने की मांग की थी। सरकार ने इन परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया है ताकि टैक्सपेयर्स को अनुपालन में आसानी हो।

पहले भी बढ़ी थी तारीख

इससे पहले, CBDT ने ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 की थी। यह दूसरी बार है जब टैक्स डिपार्टमेंट ने राहत देते हुए समय सीमा बढ़ाई है।

छोटे टैक्सपेयर्स के लिए पहले ही बढ़ी थी तारीख

पर्सनल टैक्सपेयर्स और HUFs (हिंदू अविभाजित परिवारों) के लिए सरकार पहले ही ITR फाइलिंग की डेडलाइन दो बार बढ़ा चुकी है, पहले 31 जुलाई से 15 सितंबर और फिर 16 सितंबर 2025 तक। इस दौरान सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 7.54 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए गए, जिनमें से 1.28 करोड़ लोगों ने सेल्फ-असेसमेंट टैक्स भी जमा किया।

इस फैसले का क्या मतलब है?

सरकार का यह कदम न सिर्फ टैक्स प्रोफेशनल्स के दबाव को कम करेगा, बल्कि व्यवसायों को अपनी फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार करने के लिए पर्याप्त समय भी देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से कंप्लायंस ईज बढ़ेगा और सरकार-टैक्सपेयर रिलेशन और बेहतर होंगे।

Related Post

अक्टूबर में निजी क्षेत्र की गतिविधियाँ पांच महीने के निचले स्तर पर, PMI रिपोर्ट में गिरावट

Posted by - October 24, 2025 0
24 अक्टूबर 2025 | भारत के निजी क्षेत्र की गतिविधियाँ अक्टूबर में पाँच महीने के निचले स्तर पर पहुँच गई…

JioHotstar प्रीमियम ऐड-फ्री प्लान जल्द हो सकता है महंगा: जानिए नया क्या होगा

Posted by - November 4, 2025 0
नई दिल्ली, 4 नवंबर 2025 — भारत के सबसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म में से एक JioHotstar अपने प्रीमियम ऐड-फ्री प्लान…

आज हरे निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 350 अंक उछला, निफ्टी 25,600 के ऊपर कर रहा कारोबार

Posted by - November 6, 2025 0
Stock Market Updates: सेंसेक्स पर लिस्टेड शेयरों में एशियन पेंट्स, एमएंडएम, एलएंडटी, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, टीसीएस, आईटीसी और…

रिलायंस ने बनाई नई AI कंपनी, फेसबुक ने हाथों-हाथ खरीद ली 30 प्रतिशत हिस्सेदारी- जानें डिटेल्स

Posted by - October 27, 2025 0
REIL एआई सर्विस का डेवलपमेंट, मार्केटिंग और डिस्ट्रिब्यूशन करेगा। जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट के अनुसार, रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड में रिलायंस…

कंप्यूटर बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी से निकाले जाएंगे 6000 कर्मचारी, AI अपग्रेड के नाम पर उठाया बड़ा कदम!

Posted by - November 26, 2025 0
निया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है और अब इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *