वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा दिया गया है। यह ग्रह युद्ध, शौर्य, पराक्रम और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। मंगल भूमि, बल, दुर्घटना और ऊर्जा का कारक भी है, इसलिए इसे “उग्र ग्रह” कहा गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल राशि परिवर्तन यानी गोचर करता है, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर विशेष रूप से पड़ता है।
हाल ही में 27 अक्टूबर 2025 को दोपहर 2:43 बजे, मंगल ने तुला राशि से निकलकर अपनी स्वराशि वृश्चिक राशि में प्रवेश किया है। मंगल अब 6 दिसंबर 2025 तक वृश्चिक राशि में विराजमान रहेगा।
मंगल का आगामी गोचर काल
वृश्चिक राशि में – 27 अक्टूबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक
धनु राशि में – 7 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक
मकर राशि में – 16 जनवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 तक
कुंभ राशि में – 23 फरवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 तक
मीन राशि में – 2 अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक
♈ मेष राशि

मंगल आपकी कुंडली के पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं। यह गोचर आपके मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा। भूमि या संपत्ति से जुड़े कार्यों में लाभ मिलेगा।
♉ वृषभ राशि

मंगल सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं। आने वाला समय मिश्रित रहेगा। मंगल से जुड़े कार्य जैसे रियल एस्टेट, मैकेनिकल या स्पोर्ट्स सेक्टर में सफलता मिलेगी।
♊ मिथुन राशि

मंगल छठे और लाभ भाव के स्वामी हैं। करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नए अवसर मिलेंगे और तरक्की के संकेत हैं।
♋ कर्क राशि

मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं। आने वाले छह महीने बेहद शुभ रहेंगे। नए प्रोजेक्ट या योजनाओं में लाभ होगा, कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा।
♌ सिंह राशि

मंगल चौथे और भाग्य भाव के स्वामी हैं। इस अवधि में स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। संपत्ति या निवेश संबंधी मामलों में सावधानी रखें।
♍ कन्या राशि

मंगल तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। अधूरे कार्य पूरे होंगे, प्रभाव और मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्राओं से लाभ संभव है।
♎ तुला राशि

मंगल दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन वाणी में कठोरता से विवाद हो सकता है। वैवाहिक जीवन में संयम जरूरी है।
♏ वृश्चिक राशि

मंगल पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। किसी दुर्घटना या चोट से बचें। कामकाज में मेहनत से सफलता मिलेगी।
♐ धनु राशि

मंगल पंचम और द्वादश भाव के स्वामी हैं। भूमि या कानूनी मामलों में लाभ संभव है, परंतु वाद-विवाद से बचें।
♑ मकर राशि

मंगल चौथे और लाभ भाव के स्वामी हैं। नौकरी, व्यवसाय और प्रमोशन के योग बनेंगे। स्वास्थ्य भी सुधरेगा।
♒ कुंभ राशि

मंगल तीसरे और दशम भाव के स्वामी हैं। नई ऊर्जा के साथ काम में प्रगति करेंगे। करियर ग्रोथ और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
♓ मीन राशि

मंगल दूसरे और भाग्य भाव के स्वामी हैं। यह समय थोड़ी सावधानी मांगता है। जल्दबाज़ी में कोई निर्णय न लें और स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
मंगल का यह गोचर कुछ राशियों के लिए उन्नति का मार्ग खोलेगा, जबकि कुछ को संयम और सतर्कता अपनाने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर, “सेनापति मंगल” अपने स्वभाव के अनुरूप कई राशियों के जीवन में जोश, ऊर्जा और परिवर्तन लेकर आएंगे।