भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज National Stock Exchange of India (NSE) अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) को लेकर आगे बढ़ चुका है। एक्सचेंज ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
करीब ₹30,000 करोड़ के अनुमानित आकार वाला यह इश्यू भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
NSE IPO की 10 बड़ी बातें
1. पूरी तरह OFS आधारित होगा IPO
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी NSE कोई नए शेयर जारी नहीं करेगा। इश्यू से मिलने वाली पूरी राशि मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।
2. लगभग 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री
आईपीओ के तहत करीब 14.89 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जिससे मौजूदा निवेशकों की कुल हिस्सेदारी में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आएगी।
3. कई बड़े निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी
इस इश्यू में State Bank of India, Bank of Baroda, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड और अन्य संस्थागत निवेशक हिस्सेदारी बेचेंगे।
4. NSE का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में NSE का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹2,871 करोड़ पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह ₹2,650 करोड़ था। इसी अवधि में कुल आय 22 प्रतिशत बढ़कर ₹5,360 करोड़ रही।
5. भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज
NSE देश का सबसे बड़ा इक्विटी और डेरिवेटिव ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां शेयर, फ्यूचर्स, ऑप्शंस, करेंसी, कमोडिटी और म्यूचुअल फंड जैसे कई निवेश उत्पादों में कारोबार होता है।
6. वैश्विक स्तर पर भी मजबूत मौजूदगी
NSE ने NSE International Exchange के माध्यम से GIFT City में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की सुविधा भी विकसित की है।
7. BSE सहित वैश्विक एक्सचेंजों से प्रतिस्पर्धा
भारत में NSE का मुख्य मुकाबला Bombay Stock Exchange (BSE) से है, जबकि वैश्विक स्तर पर इसकी तुलना NYSE, Nasdaq और अन्य बड़े एक्सचेंजों से की जाती है।
8. निवेशकों के लिए आरक्षण
आईपीओ में:
- 50% हिस्सा Qualified Institutional Buyers (QIBs) के लिए
- 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए
- 15% हिस्सा अन्य निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा
9. SBI और दमानी को होगा बड़ा फायदा
State Bank of India करीब 2.47 करोड़ शेयर बेच सकती है, जिससे उसे हजारों करोड़ रुपये मिलने की संभावना है। वहीं Radhakishan Damani की लगभग 1.58 प्रतिशत हिस्सेदारी की मौजूदा अनुमानित कीमत करीब ₹7,800 करोड़ बताई जा रही है।
10. बन सकता है भारत का सबसे बड़ा IPO
यदि इश्यू का आकार ₹30,000 करोड़ के आसपास रहता है, तो यह Hyundai Motor India के लगभग ₹27,870 करोड़ के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़कर भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि NSE का कारोबार, लाभप्रदता और बाजार में प्रभुत्व इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, चूंकि यह पूरी तरह OFS इश्यू है और कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी, इसलिए निवेशकों को अंतिम वैल्यूएशन, प्राइस बैंड और बाजार की स्थिति का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।
NSE की लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है और इस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।