तेल संकट से चीनी EV कंपनियों की चांदी, दुनिया भर में बढ़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में है। कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में उपभोक्ताओं को वैकल्पिक परिवहन साधनों की ओर आकर्षित किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा चीन की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) कंपनियों को मिलता दिखाई दे रहा है।

ऊंची ईंधन कीमतों के कारण कई देशों में लोग पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे चीनी EV निर्माताओं की वैश्विक मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा चीनी EV निर्यात

रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल महीने में चीन का इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात लगभग 9.4 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं मई में चीन ने लगभग 4.35 लाख पैसेंजर EV और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों का निर्यात किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक बताया जा रहा है।

चीन की प्रमुख कंपनियां जैसे BYD, SAIC Motor और अन्य ब्रांड तेजी से वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।

विकासशील देशों में बढ़ी मांग

एशिया और अफ्रीका के कई देशों में ईंधन पर होने वाला खर्च आम लोगों के बजट का बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में बढ़ती तेल कीमतों के कारण उपभोक्ता कम परिचालन लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

Laos ने तेल आयात पर निर्भरता कम करने के लिए ईंधन आधारित वाहनों के आयात पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाए हैं। वहीं अफ्रीकी देशों में चीनी EV आयात में तेज वृद्धि देखी गई है।

VinFast जैसी कंपनियों को भी बढ़ती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का लाभ मिल रहा है, खासकर दोपहिया वाहन बाजार में।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि EV बिक्री में तेजी के साथ एक नई समस्या भी सामने आई है। कई देशों में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क वाहनों की बढ़ती संख्या के मुकाबले काफी पीछे है।

उदाहरण के तौर पर, थाईलैंड में 4.24 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लगभग 4,600 सार्वजनिक चार्जिंग लोकेशन ही उपलब्ध हैं। इससे वाहन मालिकों को चार्जिंग स्लॉट पाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारें बढ़ा रही हैं निवेश

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करने के लिए कई देशों की सरकारें और बिजली कंपनियां निवेश बढ़ा रही हैं।

  • Indonesia में सरकारी बिजली कंपनी ने 4,500 से अधिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं।
  • Ethiopia में नए चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार पर काम चल रहा है।
  • Kenya Power अगले वर्ष तक दर्जनों नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही है।

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