छोटा इस्लामिक राष्ट्र, बड़ी दोस्ती: PM मोदी करेंगे यात्रा, 1971 की जंग में भारत का समर्थक

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यह कहानी अरब दुनिया के सबसे पुराने स्वतंत्र देश की है. 17वीं शताब्दी में यह देश फारस की खाड़ी और हिंद महासागर में प्रभाव के लिए पुर्तगाली और ब्रिटिश साम्राज्यों के साथ मुकाबला करता था.

एक अरब देश जिसकी आबादी केवल 50 लाख की है लेकिन जो भारत के लिए एक ऐसा पुराना दोस्त बना हुआ है जिसने कई मौकों पर अपनी दोस्ती साबित की है. वो एकमात्र ऐसा अरब देश था जिसने पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के युद्ध में भारत को खुला समर्थन दिया था. हम बात कर रहे हैं ओमान की, जहां पीएम मोदी जाने वाले हैं. दरअसल व्यापार और रक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी सोमवार, 15 दिसंबर से शुरू होने वाली जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की चार दिवसीय यात्रा करेंगे. चलिए हम आपको ओमान की कहानी बताते हैं, उसकी भारत से दोस्ती का किस्सा सुनाते हैं.

काम की बात

  • पीएम मोदी 15 से 16 दिसंबर तक राजा अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन का दौरा करेंगे.
  • फिर पीएम मोदी 16 से 17 दिसंबर तक दो दिवसीय यात्रा के लिए इथियोपिया जाएंगे.
  • यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में, पीएम मोदी 17 से 18 दिसंबर तक ओमान का दौरा करेंगे.

ओमान की गौरवशाली कहानी

ओमान अरब दुनिया का सबसे पुराना स्वतंत्र देश है. इसकी लोकेशन रणनीतिक रूप से खास है. यह अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्व कोने पर खाड़ी के मुहाने पर मौजूद है. 17वीं शताब्दी के बाद से, ओमानी सल्तनत एक साम्राज्य था. तब यह फारस की खाड़ी और हिंद महासागर में प्रभाव के लिए पुर्तगाली और ब्रिटिश साम्राज्यों के साथ मुकाबला करता था. 19वीं शताब्दी में, ओमान का विस्तार होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर ईरान और पाकिस्तान तक और पूर्वी अफ्रीकी तट से जांजीबार तक था.

1970 में अपने पिता को पद से हटाने के बाद, सुल्तान कबूस ने इस देश को खोल दिया और आधुनिकीकरण की नीति शुरू की. अब यहां लोग गुलाम नहीं थे जबकि गुलामी कराना कभी इसके व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था.

जनवरी 2020 में सुल्तान कबूस की मौत के बाद उनके चचेरे भाई हैथम बिन तारिक अल सैद गद्दी पर बैठे. कुर्सी संभालने के समय सुल्तान हैथम 65 वर्ष के थे. पीएम मोदी इन्हीं के निमंत्रण पर ओमान की यात्रा कर रहे हैं.

ओमान और भारत की दोस्ती पर नई मुहर

ओमान भारत की पश्चिम एशिया नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और अरब देश में भारत का सबसे पुराना क्षेत्रीय रणनीतिक भागीदार है. ओमान-भारत की दोस्ती एक गहरी, रणनीतिक साझेदारी है जो सदियों के व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर बनी है. इसे 1955 में औपचारिक रूप दिया गया और 2008 में इसे रणनीतिक स्तर तक बढ़ाया गया. यानी 2008 में दोनों देशों में स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप हुआ.

ओमान उन चंद मुस्लिम-बहुल देशों और एकमात्र अरब देशों में से एक था जिसने 1971 के संघर्ष के दौरान भारत का खुलकर समर्थन किया था. तब से भारत और ओमान के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है. ओमान तीनों भारतीय सेवाओं के साथ संयुक्त अभ्यास करने वाला पहला खाड़ी देश था.

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