Chandigarh Latest News: चंडीगढ़ का इतिहास वैसे तो हजारों साल पुराना बताया जाता है, लेकिन भारत के विभाजन के बाद जब लाहौर अलग हुआ तो पंजाब की नई राजधानी के तौर पर इसे बसाया गया. आइए जानते हैं चंडीगढ़ का इतिहास
चंडीगढ़:
द सिटी ब्यूटीफुल नाम से मशहूर चंडीगढ़ फिर चर्चा में है. खबरें आईं कि केंद्र सरकार यहां का प्रशासन सीधे अपने हाथों में ले सकती है. संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 में शामिल करना चाहती है. इसे पूरी तरह केंद्र शासित बनाकर यहां लेफ्टिनेंट गवर्नर तैनात किया जा सकता है. हालांकि विपक्षी दलों का विरोध तेज होने के पहले ही सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. आइए जानते हैं कि आजादी के बाद बनी भारत का पहली मॉडर्न सिटी का इतिहास भूगोल क्या है, कैसे इस शहर की स्थापना हुई.चंडीगढ़ जो शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा है, ये शानदार हेरिटेज इमारतों, रास्तों के साथ ऐसा हरा-भरा इलाका है, जहां बसने की ख्वाहिश हर दिल में रहती है.चंडीगढ़ का इतिहास बेहद दिलचस्प है.
सिंधु सभ्यता काल से जुड़ा
चंडीगढ़ का इतिहास 8 हजार साल पहले सिंधु घाटी और हड़प्पा सभ्यता काल से जोड़ा जाता है. भारत का विभाजन 1947 में जब हुआ तो पाकिस्तान के हिस्से में लाहौर चला गया, तब पंजाब प्रदेश की नई राजधानी बनाने की जरूरत आई. प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1950 में नई आधुनिक राजधानी बनाने का निर्णय किया. प्रख्यात आर्किटेक्ट ली कॉर्बुजिए (Le Corbusier) ने चंडीगढ़ ने इसका डिजाइन तैयार किया.
शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसा
पंजाब और केंद्र सरकार ने मार्च 1948 में शिवालिक माउंटेन रेंज की घाटी में इस दलदली इलाके को पंजाब की नई राजधानी के तौर पर चुना था, जो हिमाचल, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों से ज्यादा दूर नहीं था. 1912-13 के ब्रिटिश गैजेट के अनुसार, कभी ये इलाका अंबाला जिले का हिस्सा था. चंडीगढ़ का वन क्षेत्र 8.5 फीसदी है, जो गोवा और लक्षद्वीप के बाद देश में सबसे ज्यादा है.
- 8 हजार साल पुराना चंडीगढ़ का इतिहास सिंधु सभ्यता से जुड़ा
- 1947 में लाहौर पाकिस्तान में चला गया तो पंजाब को नई राजधानी की जरूरत
- 1950 में नेहरू ने पंजाब की नई राजधानी के लिए आदेश दिया
- 1952 में चंडीगढ़ शहर की बुनियादी रखी गई थी
- 60 सेक्टरों में बसाया गया है खूबसूरत शहर चंडीगढ़
- 1966 में पंजाब से अलग होकर हरियाणा राज्य का गठन हुआ
- 114 वर्ग किलोमीटर के दायरे में बसा है ये शहर
- 2 हजार एकड़ से ज्यादा पार्कों के विकास के लिए
कभी यहां दलदल वाली झील थी
जहां आज चंडीगढ़ शहर बसा है, वहां कभी एक दलदल वाली बड़ी झील थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसे एक मॉडर्न कैपिटल सिटी बनाने का सपना देखा था.पहले अमेरिकी वास्तुकार अल्बर्ट मेयर और उनके सहयोगी पोलैंड के आर्किटेक्ट मैथ्यू नोविकी को इसके मास्टरप्लान का जिम्मा सौंपा गया था. लेकिन नोविकी के प्लेन क्रैश में निधन हो गया. मेयर ने फिर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई तो नेहरू के आदेश पर प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर पीएल वर्मा ने नए आर्किटेक्ट की तलाश शुरू की और स्विट्जरलैंड मूल के फ्रांसीसी वास्तुकार कॉर्बुजिए का नाम सामने आया.