सीएम धामी ने उत्तराखंड की स्थापना को लेकर चले आंदोलन और संघर्ष की पृष्ठभूमि का जिक्र किया वहीं पिछली और मौजूदा सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज अनेक क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।
पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी.. आएगी..” इन शब्दों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करीब एक घंटे से ज्यादा चले संबोधन को समाप्त किया। उत्तराखंड स्थापना की रजत जयंती वर्ष को लेकर आहुत विधानसभा के विशेष सत्र में उन्होंने यह भाषण दिया। इस मौके पर उन्होंने जहां उत्तराखंड की स्थापना को लेकर चले आंदोलन और संघर्ष की पृष्ठभूमि का जिक्र किया वहीं पिछली और मौजूदा सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज अनेक क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।
शहीद आंदोलनकारियों को किया नमन
सीएम धामी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की स्थापना को लेकर शुरू किए गए आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका का भी उल्लेख किया। एक सिंतबर 1994 मसूरी गोलीकांड और दो अक्तूबर 1994 को रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर में पुलिस की बर्बरता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस गोलीकांड पर लोगों की तीव्र प्रतिक्रिया हुई। और बाद में आखिरकार एक अलग राज्य का सपना साकार हुआ। आंदोलनकारियों द्वारा दी गई शहादत ने राज्य आंदोलन को नई दिशा दी और प्रत्येक उत्तराखंडी के हृदय में पृथक राज्य की मांग के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाया। शहीद आंदोलनकारियों का बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा और उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास का अमिट अध्याय है।
विकास लक्ष्यों की प्राप्ति सूचकांक में नंबर वन
उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज अनेक क्षेत्रों में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा वर्ष 2023-24 के ‘विकास लक्ष्यों की प्राप्ति सूचकांक’ में देवभूमि उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।”
बेरोज़गारी दर में कमी आई
राज्य में GEP इंडेक्स तैयार करते हुए इकोसिस्टम का समग्र आकलन करने वाला उत्तराखंड भारत का पहला राज्य बन चुका है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि राज्य की बेरोज़गारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। वित्तीय प्रबंधन सूचकांक में भी उत्तराखंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। साथ ही, देश के हिमालयी राज्यों में सबसे तेज़ी से विकास करने वाले राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।”
किसानों की आय वृद्धि दर में पूरे देश में नंबर वन
सीएम धामी ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि दर में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हमारी ‘कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट’ राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक रही है।”
गैरसैंण के विकास को लेकर क्या किया?
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने अपने कार्यकाल में गैरसैंण के विकास को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए। जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का कार्य किया। मैंने स्वयं गैरसैंण के समीप स्थित सारकोट गांव को गोद लिया है, जिसे आदर्श ग्राम बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है।
कौशल विकास, मत्स्य पालन में अग्रणी
ICRT इंडिया द्वारा स्थानीय समुदाय को रोजगार व कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड को सिल्वर अवार्ड प्रदान किया गया है। वहीं, मत्स्य पालन के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों के लिए उत्तराखंड को हिमालय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों की श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य
विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य किए गए, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुदृढ़ हुई है। आज हमारी सरकार के सटीक फैसलों और दृढ़ निर्णय क्षमता के परिणामस्वरूप आबकारी एवं खनन जैसे विभागों से पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। हमारी सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन उत्पादों का बढ़ता विपणन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रहा है।
सेवाओं को अधिक कारगर बनाने के लिए एआई तकनीक
सभी नागरिकों की समस्याओं को त्वरित समाधान करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेवाओं को अधिक कारगर बनाने के लिए एआई तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया। मुख्यसेवक के रूप में रिक्त पदों को भरने का जो संकल्प लिया था, उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए हमारी सरकार ने 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। मने देवभूमि उत्तराखण्ड में जनभावनाओं के अनुरूप सख्त भू-कानून लागू किया।
आरएसएस के योगदान की सराहना
धामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि में उसकी प्रशंसा करते हुएकहा कि संगठन ने सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समरसता में योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “यह वर्ष संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमय यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है, जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित की है।” मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो भारत कभी गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त था, आज वही अपने सांस्कृतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और परंपराओं पर गर्व करता है-यह आत्मगौरव संघ की तपस्या और कार्यशैली का ही परिणाम है।” धामी ने अपने वक्तव्य का समापन संघ की शाखा में गाए जाने वाले गीत की पंक्तियों के साथ किया- “ये उथल-पुथल उत्ताल लहर, पथ से न डिगाने पाएगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी, आएगी…