बिहार के बाद अब मिशन बंगाल, पांच जोन, पांच महीना.. बीजेपी का ‘पांडव’ प्लान तैयार

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बीजेपी ने बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया है. पार्टी ने राज्य को पांच प्रमुख जोनों में बांटकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति बनाई है.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बड़ा प्लान तैयार किया है. बिहार चुनाव में सफलता के बाद पार्टी ने राज्य को पांच प्रमुख जोनों में बांटकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति बनाई है. इसके लिए छह राज्यों से 12 वरिष्ठ नेताओं को बंगाल में तैनात किया गया है, जिनमें छह संगठन मंत्री और छह सहायक नेता या मंत्री शामिल हैं. ये नेता अगले पांच महीनों तक बंगाल में डेरा डालेंगे और टीएमसी के गढ़ों में सेंध लगाने के साथ-साथ वेलफेयर योजनाओं का प्रचार करेंगे.

पार्टी का लक्ष्य है कि इस दौरान 75 प्रतिशत बूथ प्रमुखों की बहाली हो जाए और वोट शेयर में कम से कम पांच से सात प्रतिशत की बढ़ोतरी हो.

भूपेंद्र यादव को बंगाल की जिम्मेदारी

केंद्रीय स्तर पर जिम्मेदारी भूपेंद्र यादव को दी गई है, जो बंगाल के लिए मुख्य चुनाव प्रभारी होंगे. उनके साथ पूर्व त्रिपुरा सीएम और लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब सह-प्रभारी के रूप में काम करेंगे.

बीजेपी ने बंगाल को पांच जोनों में बांटा है- 

  • राढ़बंगा
  • हावड़ा-हुगली-मेदिनीपुर
  • उत्तर बंगाल
  • कोलकाता-दक्षिण 24 परगना
  • उत्तर 24 परगना.

छह राज्यों से 12 वरिष्ठ नेताओं की तैनाती

हर जोन में एक संगठन मंत्री और एक वरिष्ठ नेता तैनात किया गया है. उदाहरण के लिए, उत्तर बंगाल की जिम्मेदारी अरुणाचल प्रदेश के संगठन मंत्री नारायण मिश्र को दी गई है, जबकि राढ़बंगा क्षेत्र में पवन साईं और धन सिंह रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

इसी तरह हावड़ा में पवन राणा और संजय भाटिया, मेदिनीपुर में यूपी के मंत्री जेपीएस राठौर, और कोलकाता-दक्षिण 24 परगना में हिमाचल के एम. सिद्धार्थन और कर्नाटक के सीटी रवि को तैनात किया गया है. उत्तर बंगाल जोन की निगरानी राजस्थान के पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी करेंगे.

उत्तर बंगाल बीजेपी के लिए खास 

बता दें कि उत्तर बंगाल बीजेपी के लिए खास महत्व रखता है क्योंकि यह क्षेत्र राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से लगभग 54 सीटों को कवर करता है. यह नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से सटा हुआ है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है. बीजेपी ने यहां बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया है. इस जोन में दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार, अलीपुरद्वार, मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जैसे जिले शामिल हैं. इन जिलों में राज्य के कुल वोट शेयर का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा है. 2021 के चुनाव में बीजेपी ने यहां 40 प्रतिशत से अधिक सीटें जीती थीं. पार्टी का लक्ष्य है कि इस बार वोट शेयर को 38 प्रतिशत से बढ़ाकर 44 से 45 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए.

5 महीने की तैनाती

बीजेपी की पांच महीने की तैनाती नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक चलेगी. यह रणनीति बिहार मॉडल पर आधारित है, जिसमें ‘ग्राम चालो’ जैसे ग्रामीण कार्यक्रम, हिंदू वोट एकीकरण और वेलफेयर योजनाओं का प्रचार शामिल है. दिसंबर से चुनावी जनसभाओं और रैलियों की शुरुआत होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह कैंपेन का नेतृत्व करेंगे.

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