अमेरिका में आयोजित पहले प्रेसिडेंशियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैलेंज में भारतीय-अमेरिकी छात्रों की एक टीम ने शानदार सफलता हासिल करते हुए नेशनल चैंपियन अवॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वर्जीनिया के इन छात्रों ने एक ऐसा AI चैटबॉट विकसित किया है, जो स्कूलों में बुलीइंग का शिकार होने वाले बच्चों की मदद कर सकता है।
विजेता टीम में आरणा जायसवाल, ईशानी खत्री, रीवा मड्डा, संहिता पिन्नामारेड्डी और सानुली रथनायके शामिल हैं। इन छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट का नाम “फ्रेंडज़ोन चैटबॉट बुलीइंग प्रिवेंशन ऐप” रखा है। यह चैटबॉट बच्चों को बुलीइंग से निपटने, भावनात्मक सहायता पाने और सही मार्गदर्शन प्राप्त करने में मदद करता है।
इस प्रतियोगिता में देशभर से 20,000 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था। छात्रों को AI तकनीक का उपयोग कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर दिया गया था। भारतीय-अमेरिकी छात्रों की इस टीम ने Elementary School Track 2 श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया।
विजेताओं को सम्मानित करने के लिए व्हाइट हाउस में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहां अमेरिका की प्रथम महिला Melania Trump ने छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने छात्रों की रचनात्मकता, नवाचार और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ये युवा प्रतिभाएं अमेरिका के भविष्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।
प्रतियोगिता की अन्य श्रेणियों में भी कई छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मिडिल स्कूल कैटेगरी में “SkillUp” नामक प्रोजेक्ट को सम्मान मिला, जबकि हाई स्कूल वर्ग में कंप्यूटर विज़न आधारित अपराध जांच तकनीक विकसित करने वाले छात्र को राष्ट्रीय खिताब दिया गया।
यह उपलब्धि न केवल भारतीय मूल के छात्रों की प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए कैसे किया जा सकता है।