दक्षिण चीन सागर में वैज्ञानिकों ने समुद्र की गहराइयों में छिपी एक ऐसी रहस्यमयी दुनिया की खोज की है, जिसने पूरी वैज्ञानिक बिरादरी को हैरान कर दिया है। चीन के पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, यह विशाल ‘ब्लू होल’ करीब 3200 साल पुराना है और इसकी बनावट दुनिया के अधिकांश ब्लू होल से बिल्कुल अलग है।
आमतौर पर ब्लू होल हिमयुग (Ice Age) के दौरान बनी सूखी गुफाओं के समुद्र में डूब जाने से बनते हैं, लेकिन यह ब्लू होल मूंगे (Coral Reef) की चट्टानों के प्राकृतिक विकास और जमाव से बना है। यही वजह है कि इसे वैज्ञानिक बेहद दुर्लभ और अनोखी खोज मान रहे हैं।
इस रहस्यमयी ब्लू होल की जांच के लिए वैज्ञानिकों ने गोताखोरों, अंडरवाटर रोबोट्स और ड्रोन की मदद ली। पानी और समुद्री मिट्टी के eDNA परीक्षण में यहां 2700 से अधिक समुद्री जीवों की प्रजातियां पाई गईं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इनमें कई ऐसी प्रजातियां भी हो सकती हैं, जिनके बारे में पहले कभी जानकारी नहीं थी।
विशेषज्ञ इस तरह के ब्लू होल को ‘टाइम कैप्सूल’ मानते हैं, क्योंकि इनके भीतर पृथ्वी के प्राचीन समुद्री इतिहास, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण रहस्य छिपे हो सकते हैं।
यह खोज स्कारबोरो शोल (Scarborough Shoal) नामक विवादित समुद्री क्षेत्र में हुई है। यह इलाका फिलीपींस के तट से लगभग 230 किलोमीटर और चीन से 874 किलोमीटर दूर स्थित है। इस क्षेत्र पर चीन और फिलीपींस दोनों अपना दावा करते हैं। साल 2012 के बाद से चीन का इस इलाके पर नियंत्रण है और 2023 में इसे नेचर रिजर्व भी घोषित कर दिया गया था।
दुनिया के सबसे गहरे ब्लू होल की बात करें तो 2016 में चीन ने ड्रैगन होल (987 फीट) की खोज की थी। हालांकि, 2024 में नई माप के बाद मेक्सिको के पास स्थित ‘ताम जा’ (Taam Ja’) ब्लू होल को लगभग 1370 फीट गहराई के साथ दुनिया का सबसे गहरा ब्लू होल माना गया है।
यह खोज समुद्री विज्ञान, जैव विविधता और पृथ्वी के प्राचीन इतिहास को समझने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा र