नीट परीक्षा में पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है, जो देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए सुझाव देगी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि यह टास्क फोर्स शिक्षा व्यवस्था में अगली पीढ़ी के सुधारों पर काम करेगी और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सिफारिशें तैयार करेगी।
नंदन नीलेकणी करेंगे टास्क फोर्स की अगुवाई
छह सदस्यीय इस हाई लेवल टास्क फोर्स की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी करेंगे। समिति में शिक्षा, तकनीक, प्रशासन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक और प्रभावी बदलाव किए जा सकें।
अमृत लाल मीणा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
समिति में राजस्थान के वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा को लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया है। मीणा करौली जिले के सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के डाबरा गांव के निवासी हैं। उनकी नियुक्ति को पूरे करौली जिले और राजस्थान के लिए सम्मान की उपलब्धि माना जा रहा है।
करौली में खुशी का माहौल
अमृत लाल मीणा की नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद करौली जिले में खुशी का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।
सपोटरा के विधायक हंसराज बालौती ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अमृत लाल मीणा की यह जिम्मेदारी युवाओं को ईमानदारी, मेहनत और उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवा के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देगी।
परीक्षा प्रणाली में होंगे बड़े बदलाव
सरकार की ओर से गठित यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा, तकनीकी सुधार, पारदर्शिता और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुझाव देगी। माना जा रहा है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और निगरानी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।