कोयंबटूर (तमिलनाडु): तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोयंबटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास तीन युवकों ने एक 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। यह घटना उच्च सुरक्षा वाले इलाके में हुई, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई है।
पुलिस के मुताबिक, जब घटना हुई, उस वक्त पीड़िता अपने एक पुरुष मित्र के साथ थी। आरोपियों ने पहले उसके मित्र पर हमला किया और फिर छात्रा को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए, जहाँ उसके साथ निर्दयता से यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
अपराधियों की तलाश में सात विशेष टीमें
कोयंबटूर पुलिस ने इस जघन्य अपराध की जांच के लिए 7 विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और संदिग्ध वाहनों की पहचान में जुटी हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। पीड़िता सुरक्षित है और उसका इलाज जारी है। संदिग्धों की तलाश में विशेष टीमें लगातार काम कर रही हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रिया: अन्नामलाई ने डीएमके सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है। भाजपा के तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस घटना को “हृदयविदारक” बताते हुए सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा —
“कोयंबटूर एयरपोर्ट के पास एक कॉलेज छात्रा के साथ तीन बदमाशों द्वारा किया गया यौन उत्पीड़न बेहद शर्मनाक और भयावह है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को इस स्थिति पर शर्म महसूस करनी चाहिए।”
अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार के आने के बाद से राज्य में असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि “डीएमके के मंत्रियों से लेकर कुछ पुलिस अधिकारियों तक, अपराधियों को बचाने का पैटर्न देखने को मिल रहा है।”
महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस वीभत्स घटना ने एक बार फिर तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के महीनों में राज्य के कई हिस्सों से यौन अपराधों की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सरकार की जवाबदेही को लेकर विपक्ष हमलावर है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है और एक बार फिर यह सवाल उठाती है — आखिर महिलाएँ कब तक खुद को असुरक्षित महसूस करती रहेंगी?