बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, सियासी माहौल गर्म होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि इस बार कांग्रेस बिहार में अपना सबसे खराब प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू और भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) जनता के बीच सुशासन बनाम अराजकता की लड़ाई को लेकर पूरी तरह आत्मविश्वास से भरा है।
“सुशासन बनाम जंगलराज की लड़ाई”
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक विशेष साक्षात्कार में रविशंकर प्रसाद ने कहा, “यह चुनाव एनडीए के सुशासन और लालू यादव के जंगलराज की विरासत के बीच है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने कानून व्यवस्था, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है — “पटना का नया हवाई अड्डा, वंदे भारत ट्रेनें, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज —यह सब एनडीए की कार्यशैली का उदाहरण है।”
विपक्ष पर हमला: “घोटालों की विरासत से घिरा महागठबंधन”
रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस “भ्रष्टाचार की विरासत” ढो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का नेतृत्व ऐसे नेताओं के हाथ में है जो “ज़मीन के बदले नौकरी और रेलवे घोटालों में आरोपी” हैं। “लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में दोषी हैं, और तेजस्वी यादव उन्हीं की राह पर हैं। बिहार के लोगों के दिमाग में जंगलराज की यादें अभी भी ताज़ा हैं।”
कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को “राजनीतिक पर्यटक” बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी बिहार में सिर्फ़ प्रधानमंत्री पर भद्दी टिप्पणियां करने आते हैं। उनके बयान न तो गंभीर होते हैं और न ही सार्थक। बिहार की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। कांग्रेस का यह अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन होगा।” उन्होंने राहुल गांधी की उस टिप्पणी की आलोचना की जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था। प्रसाद ने कहा कि “ऐसे बयान उस व्यक्ति के स्तर को दर्शाते हैं जो नेहरू परिवार से आता है, लेकिन राजनीति में परिपक्वता नहीं दिखाता।”
रोजगार के वादों पर सवाल
राजद के “हर परिवार को एक सरकारी नौकरी” के वादे को रविशंकर प्रसाद ने अवास्तविक और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा, “राजद सरकार ने 15 साल में सिर्फ़ 94,000 नौकरियाँ दी थीं। अब अगर वे हर घर को नौकरी देने की बात कर रहे हैं, तो इसका खर्च कम से कम 12 लाख करोड़ रुपये होगा — यह असंभव है। लोग जानते हैं कि कौन वादा पूरा करता है और कौन झूठ बोलता है।”
महिलाओं को लेकर एनडीए की योजनाओं की सराहना
महिला सशक्तिकरण योजनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ₹10,000 की सहायता कोई चुनावी रिश्वत नहीं, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देने की पहल है। उन्होंने बताया कि यदि महिलाएं मेहनत करती हैं, तो उन्हें आगे ₹2 लाख तक की सहायता दी जाएगी। “बिहार की महिलाएं आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार की संयुक्त नीतियों का परिणाम है।”
नीतीश कुमार पर भरोसा
नीतीश कुमार की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर उठे सवालों पर भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री आज भी “दिन-रात काम करने वाले नेता” हैं।“उम्र एक कारक है, लेकिन जनता उनके समर्पण को देख रही है। वह लगातार जनता के बीच हैं, जबकि विपक्ष आपसी कलह में उलझा हुआ है।”
रविशंकर प्रसाद का यह साक्षात्कार स्पष्ट करता है कि भाजपा बिहार चुनाव को विकास बनाम अराजकता के एजेंडे पर केंद्रित करना चाहती है। कांग्रेस और महागठबंधन पर उन्होंने तीखे प्रहार करते हुए यह दावा किया कि जनता फिर से एनडीए पर भरोसा जताएगी। अगर भाजपा का आकलन सही साबित हुआ, तो बिहार की राजनीति में कांग्रेस का अस्तित्व और भी सीमित हो सकता है।