शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश के हालात कैसे हैं?

86 0

Sheikh Hasina sentenced to death: इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के मामले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दोषी ठहराया है. ट्रिब्यूनल ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है.

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के खिलाफ अवामी लीग द्वारा किए गए ‘‘देशव्यापी पूर्ण बंद” के आह्वान के बीच बांग्लादेश में मंगलवार को स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण है. प्रमुख शहरों में सुरक्षा बलों ने सड़कों पर कड़ी निगरानी बनाए रखी. हसीना पर सोमवार को आए इस बड़े फैसले के बाद किसी तरह की हिंसा की सूचना नहीं मिली, जबकि ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में यातायात बेहद कम रहा और संभावित अशांति की आशंका के बीच लोगों की आवाजाही सीमित रही.

ढाका के एक परिवहन ऑपरेटर ने कहा, “परिवहन व्यवस्था धीमी है, लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं.” कई कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में भी उपस्थिति कम रही.

अवामी लीग ने सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में मंगलवार को ‘‘देशव्यापी पूर्ण बंद” का आह्वान किया था. पार्टी ने 19 से 21 नवम्बर तक “देशव्यापी प्रदर्शन, विरोध और प्रतिरोध” का भी ऐलान किया है. बयान में कहा गया, “हमारा व्यवस्थित लोकतांत्रिक आंदोलन हत्यारे–फासीवादी (मुहम्मद) यूनुस की अवैध, असंवैधानिक सरकार के पतन और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की बहाली तक जारी रहेगा.”

पार्टी ने हसीना के खिलाफ फैसले को “राजनीति से प्रेरित”, “दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक और विद्वेषपूर्ण” बताया.

हसीना को सजा-ए-मौत क्यों दी गई है?

बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने 78 वर्षीय हसीना को सोमवार को पिछले वर्ष छात्रों के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर उनकी सरकार की क्रूर कार्रवाई के संबंध में “मानवता के खिलाफ अपराध” के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई. पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी समान आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई.

हसीना पिछले साल बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के बीच पांच अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत चली आई थीं और तब से यहीं रह रही हैं. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने आरोपों को “पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित” बताया और कहा कि यह फैसला एक “धांधली वाले न्यायाधिकरण” ने सुनाया है, जिसे “बिना जनादेश वाली, अलोकतांत्रिक सरकार” चला रही है.

Related Post

काबुल में चाय का प्याला तो बहुत महंगा पड़ा… पढ़ें पाकिस्तान-तालिबान के ‘भस्मासुर’ मोमेंट की दिलचस्प कहानी

Posted by - November 6, 2025 0
जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान को अपनी स्ट्रैटेजिक डेप्थ बताता था वो आज उसी से परेशान है। देखें विदेश मंत्री इशाक डार…

पाकिस्तान और तालिबान में शांति वार्ता फेल! खिसियाए पाक की जुबान पर अब क्यों आया भारत के मंदिरों का नाम

Posted by - October 29, 2025 0
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अगर अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की ओर देखा भी, तो हम उनकी…

जापान की PM का ताइवान पर बयान और भड़का चीन, अपने नागरिकों से जापान यात्रा से बचने को कहा, जानें पूरा मामला

Posted by - November 15, 2025 0
टोक्यो स्थित चीनी दूतावास ने शुक्रवार देर रात को सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल ही में जापान के नेताओं…

रूस से युद्ध के बीच भ्रष्टाचार कांड के चक्र से घिरे जेलेंस्की, यूक्रेनी शहरों में सेना प्रमुख के दौरे ने मचाई खलबली

Posted by - November 14, 2025 0
रूस से युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भ्रष्टाचार कांड के चक्कर से निपटने के प्रयासों में जुटे हैं।…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *