राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH48) पर मानेसर और जयपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर अत्याधुनिक मल्टीलेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया गया है। इस नई तकनीक के लागू होने के बाद अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और टोल शुल्क अपने आप कट जाएगा।
MLFF यानी Multi-Lane Free Flow एक आधुनिक बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम है। इसमें पारंपरिक टोल प्लाजा की तरह कोई बैरियर या बूम बैरियर नहीं होता। हाईवे पर लगाए गए FASTag रीडर, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और अन्य स्मार्ट सेंसर वाहन की पहचान करते हैं और लिंक्ड FASTag खाते से टोल राशि स्वतः काट लेते हैं।
इस सिस्टम में पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है। जैसे ही वाहन सामान्य गति से ओवरहेड गैन्ट्री के नीचे से गुजरता है, FASTag स्कैन हो जाता है। साथ ही ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट की पुष्टि करते हैं और टोल राशि सीधे FASTag वॉलेट या बैंक खाते से कट जाती है। इस दौरान वाहन को न तो अपनी रफ्तार कम करनी पड़ती है और न ही कहीं रुकना पड़ता है।
MLFF सिस्टम लागू होने से यात्रियों को कई बड़े फायदे मिलेंगे। टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी, यात्रा का समय कम होगा और बार-बार वाहन रोकने व चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे पेट्रोल और डीजल की भी बचत होगी। इसके अलावा वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और लंबी दूरी की यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि हाईवे पर यात्रा शुरू करने से पहले अपने FASTag में पर्याप्त बैलेंस अवश्य रखें। क्योंकि इस नई व्यवस्था में वाहन बिना रुके गुजरेंगे, इसलिए सक्रिय और रिचार्ज्ड FASTag होने पर ही यात्रा पूरी तरह निर्बाध रहेगी।
MLFF तकनीक को भारत के टोल कलेक्शन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में इसे देश के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की योजना है।