पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को एक बार फिर गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि कतर के कहने पर अफगानिस्तान को छोड़ दिया और हमला नहीं किया।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अफगानिस्तान के मामले पर बड़ी डींग मारी है। डार ने बड़बोलापन दिखाते हुए कहाकि पिछले महीने पाकिस्तान की सेना अफगानिस्तान के अंदर बड़े हमले की तैयारी कर चुकी थी, लेकिन कतर के विशेष अनुरोध पर उस कार्रवाई को आखिरी क्षणों में रोक दिया गया। शनिवार को इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में डार ने कहा, “कतर के विदेश मंत्रालय को पता चला कि हम कार्रवाई करने जा रहे हैं। कतर ने मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा और समस्या को बातचीत से सुलझाने की गुजारिश की।
कतर की वजह से रोका ऑपरेशन
डार ने कहा कि पाकिस्तान उस वक्त अफगानिस्तान में सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा था, लेकिन कतर के अनुरोध पर उस रात होने वाला ऑपरेशन रद्द कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा कि कतर की मध्यस्थता पूरी तरह विफल रही और दोहा इस बात से बेहद नाराज़ है कि उसकी कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकला। डार ने कहा, “किसी मित्र देश के बारे में खुलकर बोलना ठीक नहीं, लेकिन कतर को बुरा लगा कि उन्होंने बीच-बचाव करवाया और बात नहीं बनी।”
डार ने अफगानिस्तान को दी चेतावनी
विदेश मंत्री ने तालिबान शासित अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “तालिबान को अपनी नीतियों पर दोबारा सोचना होगा, क्योंकि अब वे सत्ता में हैं। हम उनसे कुछ नहीं मांग रहे, हर तरह का सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उनकी सरकार आने के बाद से हमारे 4000 से ज्यादा सैनिक और अधिकारी मारे जा चुके हैं और 20000 से अधिक घायल हुए हैं। क्या हम अपनी आँखें बंद कर लें?”डार ने साफ शब्दों में कहा, “पाकिस्तान के पास धैर्य है, लेकिन अफगानिस्तान से निकलने वाले आतंकवाद को रोकने की पूरी ताकत और क्षमता भी है।
डार ने कहा- अफगानिस्तान हमें मजबूर न करे
डार ने इस दौरान कहा कि हमें मजबूर न किया जाए। क्योंकि अफगानिस्तान के आतंक को पूरी तरह रोकने की हमारे अंदर क्षमता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रद्द किया गया अभियान टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों को निशाना बनाने वाला था, जो अफगान सरज़मीन से लगातार हमले कर रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और सीमा पर गोलीबारी की घटनाएँ बढ़ गई हैं।