Vitamin B12 की सारी कमी 15 दिन में हो जाएगी पूरी, बस इन 3 चीजों से घर पर बना लें विटामिन बी12 की यह हरी गोली

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Vitamin B12: मोरिंगा यानी सहजन विटामिन बी12 का सीधा स्रोत नहीं है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे आयरन, कैल्शियम और विटामिन सी शरीर में विटामिन बी12 के अवशोषण और उपयोग को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

Vitamin B12: हेल्दी और फिट शरीर के लिए विटामिन, मिनरल और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. विटामिन बी12 भी एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो आपके शरीर को तंत्रिका कोशिकाओं और रक्त कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है. यह शरीर को डीएनए बनाने में भी मदद करता है. शरीर में विटामिन बी 12 कमी से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी, याददाश्त की समस्या, जीभ में सूजन और एनीमिया यानी खून की कमी जैसे लक्षण दिखते हैं. जिसका इलाज सप्लीमेंट्स और आहार से किया जाता है. अगर, आप भी विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे हैं तो घर पर ही इन 3 चीजों से विटामिन बी12 की हरी-हरी गोली बना सकते हैं.

दरअसल, मोरिंगा यानी सहजन विटामिन बी12 का सीधा स्रोत नहीं है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे आयरन, कैल्शियम और विटामिन सी शरीर में विटामिन बी12 के अवशोषण और उपयोग को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे इसकी कमी दूर होती है. मोरिंगा बी-कॉम्प्लेक्स तत्वों से भरपूर होता है, जो एनर्जी और तंत्रिका स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. इसे जूस, पाउडर, दाल या सब्जी के रूप में खाया जा सकता है, जिससे थकान, कमजोरी और सुन्नपन जैसी B12 की कमी के लक्षण कम होते हैं.

मोरिंगा के फायदे

मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं, जिससे विटामिन-बी12 का बेहतर इस्तेमाल होता है.यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. मोरिंगा की पत्तियां पाचन को दुरुस्त करती हैं, जिससे विटामिन-बी12 का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है. मोरिंगा पाउडर को शहद या गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं.

विटामिन बी12 की कमी दूर करने का घरेलू उपाय

अगर, आप नेचुरल तरीके से विटामिन बी12 की कमी को दूर करना चाहते हैं. इसके लिए मोरिंगा की पत्तियों को सुखाकर उसमें शहद और नींबू मिलाकर गोली बना सकते हैं. हालांकि, इससे सीधे तौर पर विटामिन बी12 नहीं मिलता. यह सिर्फ विटामिन बी12 के अवशोषण और उपयोग को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इसके अलावा विटामिन बी 12 से भरपूर खाद्य पदार्थ और पेय जैसे कि लाल मांस, मछली, मुर्गी पालन, अंडे, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों का सेवन करके, आप विटामिन बी 12 की कमी के कारण होने वाले लक्षणों में सुधार कर सकते हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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