वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका पर युद्ध का आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक अब तक इस युद्ध पर करीब 37.5 अरब डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये) खर्च हो चुके हैं। इसी बीच ट्रंप प्रशासन के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अतिरिक्त सैन्य बजट की मांग लेकर अमेरिकी संसद पहुंचे, जहां उन्हें सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।
लगातार 11वीं रात भी हुआ हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार 11वीं रात भी सैन्य अभियान चलाया। सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।
युद्ध का खर्च 37.5 अरब डॉलर पहुंचा
सीनेट एप्रोप्रिएशन कमेटी की सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि ईरान युद्ध पर अब तक 37.5 अरब डॉलर खर्च किए जा चुके हैं। यह अनुमान अप्रैल में बताए गए 25 अरब डॉलर के आंकड़े से लगभग 12 अरब डॉलर अधिक है। उस समय अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम लागू था, लेकिन बाद में संघर्ष फिर शुरू हो गया।
अब 70 अरब डॉलर के अतिरिक्त फंड की मांग
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अब युद्ध संचालन, हथियारों की खरीद और सैन्य तैयारियों के लिए 70 अरब डॉलर तक के अतिरिक्त आपातकालीन बजट की मांग कर रहा है।
इस प्रस्ताव में शामिल हैं:
- 46 अरब डॉलर आधुनिक हथियारों के उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने के लिए।
- प्रिसिजन बम, हाइपरसोनिक मिसाइल और काउंटर-ड्रोन सिस्टम की खरीद।
- सैन्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने और त्वरित तैनाती की तैयारी।
हेगसेथ ने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा हालात को देखते हुए अमेरिका को अपनी सैन्य क्षमता और तेजी से मजबूत करनी होगी।
संसद में उठे सवाल
अतिरिक्त फंडिंग की मांग पर अमेरिकी संसद में कई सांसदों ने सवाल उठाए। डेमोक्रेटिक पार्टी की वरिष्ठ सीनेटर पैटी मरे ने कहा कि यह केवल “आपातकालीन” खर्च नहीं बल्कि सामान्य बजट प्रक्रिया से बचने की कोशिश भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि समस्या धन की कमी नहीं, बल्कि योजना और प्राथमिकताओं की है। वहीं कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी इतनी बड़ी अतिरिक्त राशि की जरूरत पर सवाल उठाए।
बाइडेन प्रशासन पर लगाया आरोप
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने बढ़ते सैन्य खर्च के लिए पूर्व बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि पिछली सरकार ने रक्षा विभाग में पर्याप्त निवेश और आधुनिकीकरण नहीं किया, जिसकी वजह से अब बड़े पैमाने पर अतिरिक्त फंड की आवश्यकता पड़ रही है।
क्यों जरूरी बताया जा रहा है आधुनिकीकरण?
पेंटागन का कहना है कि आधुनिक युद्ध तेजी से बदल रहा है। कम लागत वाले ड्रोन, हाई-प्रिसिजन हथियार और नई तकनीकों के कारण सेना को अपने उपकरण और रणनीति दोनों को अपडेट करना जरूरी हो गया है।
युद्धविराम खत्म होने के बाद फिर बढ़ा तनाव
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को घोषणा की थी कि ईरान के साथ हुआ अस्थायी युद्धविराम समाप्त हो गया है और सैन्य अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया है।
हाल के दिनों में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक लापता बताया गया। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों का दावा है कि युद्धविराम समाप्त होने के बाद अमेरिकी हमलों में ईरान में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है।