मोदी–पुतिन मुलाक़ात के बीच अमेरिका की चिंता: 10 दिसंबर को बड़ी रणनीतिक बैठक

67 0
अमेरिका की तरफ से भारत से रिश्तों को लेकर एक बड़ी बैठक की यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर बैठक के लिए दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली में हैं.

एक तरफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिनों की भारत यात्रा पर दिल्ली आए हुए हैं और उधर अमेरिका से एक बड़ी खबर आई है. ऐसा लगता है कि अमेरिका को यह डर होने लगा है कि कहीं भारत उससे बहुत दूर न हो जाए. रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर टैरिफ लादने वाला अमेरिका अब बड़ी बैठक करने जा रहा है. अमेरिकी कांग्रेस की एक प्रमुख कमेटी अगले हफ्ते 10 दिसंबर को एक सार्वजनिक बैठक करने जा रही है. इस बैठक में भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की दिशा पर चर्चा की जाएगा. यहां दोनों देशों के बीच बदलते रक्षा, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों पर खास ध्यान दिया जाएगा.

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की साउथ और सेंट्रल एशिया पर सब-कमेटी के एक आधिकारिक नोटिस के अनुसार, इस बैठक का विषय ‘अमेरिका-भारत स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप: एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा’ रखा गया है. मिशिगन से सांसद बिल ह्यूजेंगा की अध्यक्षता वाली सब-कमेटी उन प्रमुख विश्लेषकों की बातें सुनेगी जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर नजर रखते हैं.

इन विशेषज्ञों में हेरिटेज फाउंडेशन में एशियन स्टडीज सेंटर के डायरेक्टर जेफ स्मिथ, ओआरएफ अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर और यूनाइटेड स्टेट्स के जर्मन मार्शल फंड में इंडो-पैसिफिक प्रोग्राम के सीनियर फेलो समीर लालवानी शामिल हैं. जेफ स्मिथ, ध्रुव जयशंकर और समीर लालवानी अमेरिकी राजधानी में रहने वाले जाने-माने भारतीय विशेषज्ञ हैं. इस बैठक में भारत के रक्षा आधुनिकीकरण, अमेरिका के साथ बढ़ती सैन्य साझेदारी, तकनीकी सहयोग, क्षेत्रीय कूटनीति और इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका मिलकर अहम तकनीकों, समुद्री सुरक्षा और सप्लाई-चेन को मजबूत बनाने पर कई कदम उठा रहे हैं. भारत-अमेरिका साझेदारी को कांग्रेस में निरंतर समर्थन भी मिला है, जिसमें सांसद नई दिल्ली को इंडो-पैसिफिक में अमेरिकी रणनीति का एक मुख्य स्तंभ मानते हैं. इस तरह की सुनवाई सांसदों को नीति की बारीकी से जांच करने, चुनौतियों का आकलन करने और अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर देती है.

Related Post

जॉर्डन के युवराज अल हुसैन: अमीर और खास, जानिए पीएम मोदी के साथ उनके कार सफर की कहानी

Posted by - December 17, 2025 0
जॉर्डन के क्राउन प्रिंस यानी युवराज अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय मंगलवार, 16 दिसंबर को खुद कार ड्राइव करके पीएम…

कौन हैं बड़े बिजनेसमैन की बेटी नेत्रा, जिनकी उदयपुर की शादी में पहुंचे ट्रंप के बेटे, उमड़ा सितारों का हुजूम

Posted by - November 22, 2025 0
बताया जा रहा है कि संगीत की दुनिया में जाना पहचाना नाम जेनिफर लोपेज और दक्षिण अफ्रीका के डीजे-प्रोड्यूसर ब्लैक…

G-20 Summit के दौरान इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से मिले मोदी, एक दूसरे का पूछा हालचाल

Posted by - November 22, 2025 0
दक्षिण अफ्रीका में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और पीएम मोदी की मुलाकात…

दुनिया में मचेगी तबाही! ग्लोबल वार्मिंग को अब 1.5C से नीचे रखना असंभव- यह नई रिपोर्ट डराती है

Posted by - November 13, 2025 0
ग्लोबल वार्मिंग में 1.5 डिग्री सेल्सियस, औद्योगिकीकरण से पहले के स्तर की तुलना में पृथ्वी के औसत तापमान में 1.5…

PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच बड़ी बैठक, इस समस्या के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे भारत और इट

Posted by - November 24, 2025 0
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित जी-20 सम्मेलन के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *