पटना में चर्चित कोचिंग विवाद मामले में खान सर को फिलहाल राहत तो मिली है, लेकिन उनकी कानूनी चुनौतियां अभी खत्म होती नहीं दिख रहीं। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी, क्योंकि अदालत ने मामले की केस डायरी दोबारा तलब कर ली है। हालांकि, अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक बरकरार रहेगी।
मामले में दोनों पक्षों से जुड़े कुल आठ लोगों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी। इनमें खान सर समेत उनके पक्ष के छह लोग और रौशन आनंद पक्ष के दो लोग शामिल थे। सुनवाई के दौरान रौशन आनंद पक्ष के अभिषेक और गौरव को अदालत से जमानत मिल गई, जबकि खान सर की याचिका पर फैसला टल गया।
इस बीच पुलिस की केस डायरी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि खान सर के बॉडीगार्ड द्वारा की गई फायरिंग आत्मरक्षा में नहीं, बल्कि कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। पुलिस के अनुसार, जिस समय फायरिंग हुई, उस समय मारपीट और तोड़फोड़ करने वाले आरोपी घटनास्थल छोड़ चुके थे। पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच करीब 20 मिनट का अंतर बताते हुए आत्मरक्षा के तर्क पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस की इसी टिप्पणी को खान सर की कानूनी मुश्किलें बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अदालत द्वारा केस डायरी दोबारा मंगवाए जाने के बाद अब अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
उधर, फायरिंग मामले में गिरफ्तार खान सर के दोनों बॉडीगार्ड 4 जून से जेल में बंद हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उनकी नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
इसके अलावा खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर कन्हैया सिंह और संस्थान से जुड़े अजीत व अंकित ने भी अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस इनसे पहले पूछताछ कर चुकी है और जांच अभी जारी है।
कोचिंग विवाद से जुड़े इस मामले में अब अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है, क्योंकि केस डायरी में दर्ज तथ्यों के आधार पर अदालत आगे की कानूनी दिशा तय कर सकती है।