19 साल के भारतीय जैवलिन थ्रोअर आशीष यादव ने वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। चैंपियनशिप के तीसरे दिन पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में आशीष ने अपने तीसरे प्रयास में 74.09 मीटर का थ्रो किया, जो उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने 2026 वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में भारत का मेडल खाता भी खोला।
आशीष के अलावा पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत के एक और खिलाड़ी टी. धरणीधरन ने हिस्सा लिया। धरणीधरन ने 72.35 मीटर का थ्रो किया और वह छठे स्थान पर रहे। हालांकि, आशीष के 74.09 मीटर के प्रदर्शन ने उन्हें पोडियम पर जगह दिलाई और भारत को प्रतियोगिता का पहला मेडल हासिल हुआ।
नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय
आशीष यादव की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वह वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप के जैवलिन थ्रो में मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय बन गए हैं। नीरज चोपड़ा ने साल 2016 में इसी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई थी।
अब करीब एक दशक बाद आशीष ने इसी प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर भारतीय जैवलिन थ्रो की अगली पीढ़ी के लिए उम्मीद जगाई है। उनका प्रदर्शन खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में जैवलिन थ्रो को लोकप्रिय बनाने में नीरज चोपड़ा की बड़ी भूमिका रही है।
कौन हैं आशीष यादव?
आशीष यादव का जन्म 11 अप्रैल 2007 को हुआ था। उन्होंने घरेलू स्तर पर उत्तर प्रदेश और आर्मी की ओर से प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। कम उम्र में ही उन्होंने जैवलिन थ्रो में लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है।
मार्च 2026 में पटियाला में आयोजित इंडियन ओपन थ्रो कॉम्पिटिशन में आशीष ने U20 खिताब अपने नाम किया था। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने अपने अंतिम प्रयास में 74.49 मीटर का थ्रो करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था।
इसके बाद आशीष ने लुधियाना में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज में 72.27 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। तुमकुरु में आयोजित नेशनल जूनियर U20 एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। वहां उन्होंने 73.12 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता। इस प्रतियोगिता में रोहन यादव ने 73.37 मीटर के प्रदर्शन के साथ पहला स्थान हासिल किया था।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी दिखाया दम
ओरेगन में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में आशीष ने क्वालिफिकेशन राउंड में 69.87 मीटर का थ्रो किया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में अपनी जगह बनाई।
फाइनल में आशीष ने शुरुआत के प्रयासों के बाद तीसरे राउंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनका 74.09 मीटर का थ्रो उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने में कामयाब रहा। यह प्रदर्शन उनके हालिया घरेलू रिकॉर्ड्स के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी क्षमता को दिखाता है।
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
आशीष यादव का सिल्वर मेडल सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि 2026 वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में भारत के लिए भी यह महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने प्रतियोगिता में भारत को पहला मेडल दिलाया और जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा के बाद एक और भारतीय नाम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।
आशीष का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए इसलिए भी उत्साह बढ़ाने वाला है क्योंकि वह अभी सिर्फ 19 साल के हैं। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन और अब U20 विश्व स्तर पर सिल्वर मेडल उनके भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करता है।