असम को एसआईआर राज्यों की सूची से बाहर रखा गया — मुख्य चुनाव आयुक्त बोले, विशेष आदेश अलग से जारी किए जाएंगे

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को घोषणा की कि असम को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया से फिलहाल बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि असम में नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) के तहत अलग प्रावधान लागू होते हैं, इसलिए राज्य के लिए एक अलग विशेष आदेश जारी किया जाएगा।

असम में अलग प्रक्रिया क्यों?
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि असम में नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में लगभग पूरी होने वाली है, और राज्य में नागरिकता अधिनियम के तहत विशेष प्रावधान लागू हैं। इस वजह से असम में मतदाता सूची के संशोधन के लिए अलग दिशा-निर्देश और समयसीमा निर्धारित की जाएगी।
कुमार ने कहा, “असम में एसआईआर आयोजित करने के लिए चुनाव आयोग एक विशेष आदेश जारी करेगा। चूंकि नागरिकता से संबंधित प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है, इसलिए फिलहाल वहां सामान्य एसआईआर लागू नहीं किया जा सकता।”

कौन से राज्य शामिल हैं एसआईआर में?
चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की थी कि देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर 2025 से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इनमें तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड और चंडीगढ़ शामिल हैं। लेकिन असम को इस सूची से स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।

पृष्ठभूमि: जून में पूरे देश के लिए जारी हुआ था आदेश
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का आदेश जारी किया था।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को नए सिरे से तैयार किया जाना है — ताकि मृत, डुप्लीकेट या अपात्र नामों को हटाया जा सके और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जा सके। हालाँकि, असम के अधिकारियों ने पहले ही आयोग को सूचित कर दिया था कि वे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही SIR करना चाहते हैं। असम देश का एकमात्र राज्य है जहाँ एनआरसी प्रक्रिया पहले से जारी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी समयसीमा की जानकारी
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि एसआईआर का दूसरा चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान मतदाता सूची की जाँच, सत्यापन और नए पंजीकरण का कार्य किया जाएगा।
इसके बाद: 9 दिसंबर 2025 को मसौदा मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) प्रकाशित की जाएगी। 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची (Final Roll) जारी की जाएगी। कुमार ने कहा, “चुनाव आयोग की प्राथमिकता है कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रत्येक राज्य की मतदाता सूची सटीक और अद्यतन हो।”

 

2026 में असम समेत पाँच राज्यों में चुनाव
अगले वर्ष असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
इनमें से चार राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन असम को नागरिकता से जुड़ी जटिलताओं के चलते फिलहाल इस दायरे से बाहर रखा गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि असम के लिए एक अलग एसआईआर आदेश और समय-सारणी जल्द जारी की जाएगी।

क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
एसआईआर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की व्यापक जांच और पुनर्गठन किया जाता है। इसमें पुराने, मृत या दोहराए गए नामों को हटाया जाता है और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया वार्षिक विशेष सारांश संशोधन (SSR) से अलग है, क्योंकि इसमें मतदाता सूची को पूरी तरह से नए सिरे से तैयार किया जाता है।

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