भारत सरकार की ओर से शुरू की जा रही है पहली सहकारी टैक्सी सेवा – ‘ भारत टैक्सी ’
भारत की पहली सहकारी को – आपरेटिव टैक्सी सर्विस जल्द शुरू होने जा रही है , जिसका उद्देश्य निजी टैक्सी-एग्रीगेटर (जैसे Ola-, Uber-) मॉडल के बजाय ड्राइवरों एवं यात्रियों दोनों के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था देना है। इसे मल्टी‑स्टेट सहकारी टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसे जून 2025 में पंजीकृत किया गया था। इसके लिए लगभग रु 3000 करोड़ की अधिकृत पूंजी तय की गई है। सेवा के आरंभ में चार राज्यों (दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश) में लगभग 200 ड्राइवर पहले से जुड़ चुके हैं। ड्राइवरों को कोई कमीशन नहीं देना होगा — यानी टैक्सी बुकिंग से जो किराया मिलेगा, उसका पूरा हिस्सा ड्राइवर को जाएगा।
यात्रियों को पारदर्शी किराया नीति के तहत सस्ती व भरोसेमंद सेवा मिलेगी। यह मॉडल ड्राइवर-सहभागिता पर आधारित है — ड्राइवर सदस्य बन सकते हैं, उसकी सहकारी समिति का हिस्सा हो सकते हैं। यह ऐप-आधारित बुकिंग सिस्टम होगा, जैसा कि अन्य टैक्सी एग्रीगेटर्स में होता है । इस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट नवंबर 2025 में राजधानी नई दिल्ली से 650 ड्राइवरों/वाहनों के साथ शुरू होगा। इसके तुरंत बाद दिसंबर 2025 तक इसे देशव्यापी स्तर पर विस्तारित करने की योजना है। पहले चरण में शामिल शहरों में दिल्ली के बाद गुजरात तथा महाराष्ट्र शामिल होंगे ।
निजी टैक्सी-एग्रीगेटर मॉडल बहुत स्थापित है, इसलिए नए मॉडल को बाजार में अपनी जगह बनानी होगी। ड्राइवरों को इस नए प्लेटफॉर्म पर भरोसा दिलाना और यात्रियों को परिचित बनाना एक चुनौती होगी। यदि परीक्षण सफल हुआ, तो ग्रामीण व छोटे शहरों तक भी इस सेवा का विस्तार हो सकता है । चूंकि यह योजना सहकारी मॉडल पर आधारित है, इसलिए संचालन, तकनीक और ग्राहकों की सेवा को उच्च स्तर पर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा ।