बिहार विधानसभा चुनाव में आज से प्रचार अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. छठ महापर्व के समापन के साथ ही अब राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है. पटना में आज महागठबंधन की तरफ से साझा चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया. ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ शीर्षक घोषणापत्र को जारी करते वक्त तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के सहयोगी दलों नेता मंच पर मौजूद रहे. इनमें इनमें वीआईपी से मुकेश सहनी, कांग्रेस से मदन मोहन झा, आईआईपी से आईपी गुप्ता, माले से दीपांकर भट्टाचार्य और सीपीआई से रामनरेश पांडे मंच पर मौजूदगी देखी गई. महागठबंधन के घोषणापत्र में 20 महीने के अंदर परिवार के हर सदस्य को नौकरी, 200 यूनिट फ्री बिजली, जीविका CM दीदियों को नियमित करने और ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने सहित कई बड़े वादे किए गए हैं.
इसके साथ ही सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने आज से राज्यभर में अपनी-अपनी सभाओं और जनसभाओं की शुरुआत कर दी है. पहले चरण के मतदान में अब केवल 10 दिन शेष हैं, ऐसे में उम्मीदवार और दल दोनों ही मतदाताओं तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, एनडीए 30 अक्टूबर को अपना घोषणापत्र जारी कर सकता है, जिसका शीर्षक “विकसित बिहार”होगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छठ पूजा के बाद शुरू हुआ यह चरण चुनाव प्रचार का निर्णायक दौर साबित होगा, जहां नेताओं की भाषा और वादे दोनों पर जनता की नजर रहेगी.