भयंकर प्रदूषण के बीच नवंबर-दिसंबर में स्कूली बच्चों की खेल प्रतियोगिताएं ना हों – SC ने दी सलाह

94 0

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय करने होंगे. हम आदेश देंगे कि यह न्यायालय मासिक आधार पर प्रदूषण की स्थिति की समीाक्षा करे. स्कूलों में खेल संबंधि गतिविधियों को सुरक्षित महीनों में शिफ्ट कर देना चाहिए |

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए अब हर महीने इस पर नियमित सुनवाई होगी. अदालत ने स्पष्ट किया कि CAQM (Commission for Air Quality Management) द्वारा दाखिल एक्शन-टेकन रिपोर्ट (ATR) की मासिक आधार पर समीक्षा की जाएगी. एमिक्स क्यूरी अपराजिता सिंह ने बताया, नवंबर-दिसंबर के दौरान जब प्रदूषण अपने चरम पर होता है, तब बच्चों की कई प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं |

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से कहा, बच्चों की खेल प्रतियोगिताएं ऐसे महीनों में आयोजित की जब AQI बेहतर हो. GRAP उपायों पर भी कोर्ट की सहमति है. CJI बी.आर. गवई ने कहा कि CAQM ने एक प्रस्ताव दिया है कि GRAP-III के तहत लगने वाले प्रतिबंधों को GRAP-II पर शिफ्ट करने का विचार है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पहले ही कठोर कदम उठाए जा सकें |

प्रदूषण कम करने के लिए कोई भी प्रतिबंधात्मक कदम स्वागतयोग्य है लेकिन CAQM को सभी हितधारकों से विचार-विमर्श करना होगा. सुनवाई के दौरान निर्माण मजदूरों के संघ की ओर से कहा गया कि GRAP लागू हुए एक हफ़्ता हो गया है, लेकिन अभी तक मज़दूरों को ‘सब्सिस्टेंस अलाउंस’ नहीं मिला है |

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी और राजस्थान से जवाब मांगा कि GRAP लागू होने पर मज़दूरों को मिलने वाले भत्ते की व्यवस्था क्यों नहीं हुई? ASG ऐश्वर्या भट्टी ने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय ने एक बैठक की है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. केंद्र ने कम अवधि और दीर्घ अवधि—दोनों तरह की प्रदूषण-रोधी रणनीतियां कोर्ट में पेश कीं. अमिक्स ने चिंता जताई कि “उपाय तो हैं, लेकिन प्रदूषण में कमी का असर नहीं दिख रहा. 15 साल पुराने पेट्रोल, 10 साल पुराने डीजल वाहन को हटाने पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, मैंने एक लेख पढ़ा जिसमें कहा गया है कि किसी वाहन की सड़क पर चलने की योग्यता एक तकनीकी मुद्दा है. ⁠इसे वाहन की उम्र से नहीं, बल्कि वास्तविक उत्सर्जन से जोड़ा जाना चाहिए. ⁠कुछ वाहन साल में 30,000 किलोमीटर चल सकते हैं |

Related Post

हिमाचल में महिलाओं की ₹1500 पेंशन योजना पर विवाद: चुनाव आयोग पहुंची BJP

Posted by - May 23, 2026 0
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट बैठक अब बड़े राजनीतिक विवाद का…

गडकरी का बड़ा फैसला: बस से करेंगे महाराष्ट्र दौरा, पीएम मोदी की अपील का असर दिखा

Posted by - May 14, 2026 0
देश में ईंधन की बचत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की मुहिम अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचती…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *