जन्म के बाद 2 साल तक बच्चों को न खिलाएं शुगर, बुढ़ापे तक नहीं बनेंगे हार्ट के मरीज ! स्टडी में बड़ा खुलासा

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Childhood Sugar Control Benefits: ब्रिटेन में हुई एक स्टडी में पता चला है कि गर्भावस्था और बचपन के शुरुआती दौर में चीनी का सेवन कम से कम रखा जाए, तो बच्चे को वयस्क होने पर हार्ट डिजीज का खतरा काफी कम हो जाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बचपन के शुरुआती कुछ सालों में शुगर कंट्रोल रखने से हार्ट को मजबूती मिलती है।

Childhood Diet for Heart Health:

बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, वैसे-वैसे वे चीजों का स्वाद लेना शुरू कर देते हैं। 2 साल की उम्र तक वे खट्टा-मीठा स्वाद अच्छी तरीके से पहचानने लगते हैं। छोटे बच्चों को मीठी चीजें ज्यादा पसंद आती है और कई लोग बच्चों को जमकर मीठा खिलाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो छोटे बच्चों को कम से कम मीठी चीजें खिलानी चाहिए. खासतौर से 2 साल तक बच्चों को न के बराबर मीठा देना चाहिए, ताकि उसकी ग्रोथ अच्छी तरीके से हो सके। अब इसे लेकर एक रिसर्च सामने आई है। ब्रिटेन में की गई एक हालिया स्टडी में पता चला है कि अगर बचपन में चीनी का सेवन कम से कम रखा जाए, तो बड़े होने पर दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।

इस स्टडी में 1950 के दशक की शुरुआत में चीनी राशनिंग के दौर में जन्मे 63,000 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया। उस समय ब्रिटेन में गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 40 ग्राम से कम चीनी लेने की अनुमति थी, जबकि दो साल से कम उम्र के बच्चों को एडेड शुगर नहीं दी जाती थी। शोधकर्ताओं ने इन लोगों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया और पाया कि बचपन के शुरुआती दौर में चीनी का सीमित सेवन और बेहतर हार्ट हेल्थ के बीच एक गहरा संबंध है। जिन लोगों ने शुरुआती उम्र में कम चीनी खाई, वे वयस्क होने पर दिल की बीमारियों का कम शिकार हुए।

रिसर्च करने वाले एक्सपर्ट्स ने बताया कि जिन प्रतिभागियों ने जन्म से 2 साल की उम्र तक कम से कम चीनी का सेवन किया, उनमें हार्ट डिजीज का रिस्क 20% कम, दिल का दौरा पड़ने का खतरा 25% कम, हार्ट बीट रुकने का खतरा 26% कम, स्ट्रोक का खतरा 31% कम और हार्ट डिजीज से मौत का खतरा 27% तक कम पाया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि बचपन में कम चीनी का सेवन न केवल हार्ट की रक्षा करता है, बल्कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को रोककर भी हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करता है. शुरुआती उम्र में खान-पान की आदतें लंबे समय तक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्टडी एक मजबूत संकेत देती है कि गर्भावस्था और बचपन के शुरुआती वर्षों में चीनी का सेवन सीमित करना भविष्य में हार्ट डिजीज से बचाव के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि माता-पिता को बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे भविष्य में एक स्वस्थ और मजबूत दिल के साथ जीवन जी सकें। आज के दौर में कम उम्र में ही हार्ट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बचपन से ही इसका बचाव करना बेहद जरूरी है।

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